Friday, June 23, 2017

अतीत के पन्ने


वर्ष 2002 में यूपी विधानसभा का चुनाव था , मैं भोपाल में पत्रकारिता का छात्र था।  यूपी चुनाव में मीडिया प्रभारी के नाते प्रभात झा जी डेरा डाले हुए थे मुझे उनकी टीम का हिस्सा बन कर 2 महीने लखनऊ बीजेपी मुख्यालय में कार्यं करने का एक अवसर मिला। वैसे तो मीडिया और राजनीति दोनों में गहरा रिस्ता होता है, पत्रकार को खबर चाहिए और नेता को अपने हिसाब से खबर छपे यह चाह रहती है इस नाते राजनीतिक दलों का मीडिया प्रबंधन भी बहुत महत्वपूर्ण होता। नियमित प्रेस के लिए विषय तय करना साथ ही प्रेस नोट भी तैयार करना किसकी प्रेस होगी क्या विषय रहेगा एक साथ पुरे प्रदेश में किन किन शहरों में प्रेस वार्ता आदि प्रबंधन का हिस्सा होता। 
उन दो महीनों में सुबह से शाम और देर रात कब होती यह पता ही नहीं चलता था।  मीडिया सेल के अलावा कई मोर्चों पर पार्टियां चुनाव में कार्य करती उसी में एक सबसे महत्वपूर्ण और बड़ी जिम्मेदारी का कार्य चुनाव प्रबंधन इस व्यवस्था को संचालित करने वाले Jps Rathore जी और Mahendra Singh जी के लिए तो मानों घर मे शादी का आयोजन हो चौबीसों घण्टे जीजान से लगे रहना होता था , उसी क्रम में  हर दिन खूब मिलना जुलना होता रहा लखनऊ शहर मेरे लिए नया था jps राठौर जी अक्सर शाम को भोपाल की युवा टीम को हजरतगंज ले जाते थे और मोती महल की फलूदा (कुल्फी) खिलाते।राठौर जी बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के मेधावी छात्र रहे साथ ही छात्र संघ के अध्यक्ष इस नाते नौजवानों से दोस्ती इनके स्वभाव का हिस्सा। उस वक्त उनसे मैं पूछा कि आप राजनीति में क्यों आये बहुत ही खूबसूरत उत्तर "लोकतंत्र की खूबसूरती है भारत की स्वस्थ राजनीति"। 
राठौर जी वर्तमान में प्रदेश उपाध्यक्ष है। शुभकामनाएं!

Thursday, June 22, 2017

सार्थक दिन




श्री लालजी टंडन उत्तर प्रदेश की राजनीति में सर्वमान्य नेता के रूप में जाने जाते है। प्रदेश में पूर्व मंत्री रहे है एक बार लोकसभा सदस्य भी रहे,अटल जी के प्रिय है। टंडन जी स्वध्यायी है बौद्धिक चर्चा में गहरी रुचि है। लखनऊ के लोग प्यार से इनको बाबूजी पुकारते है।

लोकतंत्र सेनानी सम्मान



सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और आज का भारत
लखनऊ में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्टी 
कमल ज्योति पत्रिका द्वारा आयोजित
बधाई के पात्र है आयोजक श्री साधक राजकुमार जी, श्री अरुण कान्त जी, श्री शैलेन्द्र पांडे शेष सभी मित्र।

Tuesday, June 20, 2017

सरोकार की दुनिया


यहां प्रेम, स्नेह, मार्गदर्शन एवं जीवन की दिशा सहज ही मिलती है। गोरखपुर विश्वविद्यालय से स्नातक अंतिम वर्ष की परीक्षा जैसे ही खत्म हुई उसके बाद आजमगढ़ एक वर्ग में गया वर्ग के अंतिम दिन प्रान्त प्रचारक जी मुझे बुलाये और पूछे कि स्नातक के बाद आगे की क्या योजना है ? M.A हिंदी से करने की बात मैंने कही फिर क्या वहां के विभाग प्रचारक श्री मिथिलेश नारायण जी से पूछे कि शिवली कालेज में M.A हिंदी से है. उन्होंने बताया है।

मेरे लिए निर्णय लेना कठिन आजमगढ़ में रहना होगा पढ़ाई के साथ संगठन कार्य, श्री मिथिलेश जी के स्नेह में कुछ दिन वहा रुका परंतु नियति द्वारा सब कुछ पहले से तय पत्रकारिता की पढ़ाई के लिए भोपाल आगया। पूर्णकालिक संगठन कार्य मेरे मुकद्दर में नही था।
सुखद यह है कि सामाजिक ऋषियों का स्नेह और सानिध्य सदा मिलता है। आदरणीय मिथिलेश जी वर्तमान में क्षेत्र बौद्धिक प्रमुख है केंद्र लखनऊ है।

Sunday, June 18, 2017

वात्सल्य स्नेह



धन्यवाद-इलाहाबाद
भारतीय समाज में ऐसी मान्यता है कि माँ की छाया मौसी को और पिता का स्वरूप मामा का होता है।
मामा अवधेश मालवीय औऱ मधुलिका मालवीय मामी का वात्सल्य स्नेह से अभिभूत हूँ। इस प्रवास में। परंपराएं और मान्यताएं बनी रहें इसी कामना के साथ नमस्कार।

बचपन

 









शांत जल
शांत मन
श्वेत वस्त्र
यही मेरा जीवन
श्रीन्द्र मालवीय

Saturday, June 17, 2017

जन्मदिन - सृष्टि मालवीय




शहर इलाहाबाद
परिवार - श्री सुमंगलम
अनाथालय नहीं अपितु मातृप्रेम का एक मंदिर है। जहाँ बच्चों को दया भाव से नही वरन मातृबोध,स्नेह व् ममता से पाले जाने का संकल्प है। सृष्टि आज 8 साल पूर्ण की आप सभी का आशीर्वाद चाहिए । अगले वर्ष 17 जून को किसी अन्य नये प्रयोग और संकल्प के साथ होती है मुलाकात । इस वर्ष मात्र एक छोटी सी जिम्मेदारी एक बालक को एक वर्ष की शिक्षा हेतु। नमस्कार

एक बच्चे की शिक्षा हेतु गोद लेने का संकल्प




सृष्टि के जन्मदिन इलाहाबाद (नैनी) यूपी
17 जून को इस बार कहाँ जाऊ कैसे जन्मदिन मनाया जाए इन तमाम विचारों के बाद यह निर्णय लिया की शिक्षा और संस्कार के लिए कार्य कर रहे किसी संस्था के बीच जाऊंगा।
मेरी दृष्टि पड़ी  "श्रीसुमंगलम" इलाहाबाद में गंगा के तट पर यह प्रकल्प चलता है यहां कुल 11बच्चे है यहाँ आने से पहले यह सभी बच्चे मछली पकड़ते थ या बकरी चराते थे ,स्कुल नही जाते थे। अब पढ़ते है प्रकल्प में ही इनका निवास है सुबह उठते है प्रार्थना करते ,नित्यक्रिया के बाद योग शारीरिक ,जलपान और स्कूल फिर भोजन ,विश्राम ,संध्या मंत्र,सामूहिक खेल,अध्ययन ,भोजन और रात्रिविश्राम इनकी दिनचर्या है। 
सृष्टि को आप सभी का आशीर्वाद यही प्रार्थना है।
शेष विस्तार से अगले पोस्ट में

Thursday, June 15, 2017

बौद्धिक सानिध्य



बौद्धिक सानिध्य 
वरिष्ठ स्तम्भकार,विचारक,दार्शनिक,प्रखर वक्ता एवं उत्तर-प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष आदरणीय हृदयनारायण दीक्षित जी का सानिध्य।
लखनऊ

Monday, June 12, 2017

गर्दिश





लेखक श्री विकास सिंह की पहली कृति का लोकार्पण।
भारतीयता की प्रतिष्ठा,पाश्चात्य सभ्यता की आलोचना,दहेज़ प्रथा,छुआछूत ,सामाजिक असमानता,धार्मिक भेदभाव पर लेखक ने प्रहार किया है। इस उपन्यास के मुख्य पात्र "राजवंश" एक किसान है। किसान को केंद्र में रखकर इस कृति की रचना की गई है। खास बात यह है कि लेखक  21वर्ष की आयु में यह उपलब्धि अर्जित किया है। विकास जी को अनंत शुभकामनाएं।

Saturday, June 10, 2017

युवा संवाद

 






युवा संवाद
"कोचिंग राजधानी"
कोटा की खास पहचान यहां के कोचिंग संस्थान है।

Sunday, June 4, 2017

राष्ट्रवाद और ग्राम स्वराज




राष्ट्रवाद और ग्राम स्वराज
प्रेस क्लब , गोरखपुर
लोकमीडिया मंच

Saturday, June 3, 2017

सेवाकार्य

आशीष भैया है
कुष्ट पीड़ित बन्धुओं/ भगनियों की सेवा हेतु जीवन समर्पित 'दिव्यप्रेम सेवा मिशन' नाम से हरिद्वार में प्रकल्प है अनाथ बच्चों और उस पीड़ित परिवार के बच्चो की शिक्षा,चिकित्सा हेतु आवासीय सेवाकार्य का प्रकल्प है।
आशीष भैया विज्ञान संकाय से स्नातकोत्तर करने के बाद माँ भारती की सेवा हेतु संघ के प्रचारक बन गए गोरखपुर में महानगर प्रचारक रहे उस समय मैं 10वी का विद्यार्थी था आशीष जी स्कूटर से चलते थे मुझे सौभाग्य मिला कुछ वर्ष साथ रहने का । कुष्ट पीड़ित लोगों की समाज में उपेक्षा और तिरस्कार देख कर उनके लिए कुछ करना चाहिए यह सोचते हुए उन पीड़ितों के साथ ही अपना आश्रम बना लिए । इस पुनीत कार्य हेतु आशीष जी को प्रणाम।

प्रकृति का अद्भुत सौंदर्य

चन्दन चौकी, लखीमपुर खीरी के जंगलों में सुबह की सैर सचमुच प्रकृति के अद्भुत सौंदर्य का अनुभव कराती है। भारत-नेपाल सीमा के समीप बसे ये गांव हर...