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Friday, August 14, 2026

सम्मान


उत्तर प्रदेश शासन की हिंदी मासिक पत्रिका ‘संदेश’ द्वारा उत्कृष्ट लेखन के लिए सम्मानित किया जाना अत्यंत प्रसन्नता और गर्व का विषय है। स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में यह सम्मान प्राप्त होना इस क्षण को और भी विशेष बना रहा है।
 यह सम्मान समाज,साहित्य, पत्रकारिता और लेखन के क्षेत्र में निरंतर कुछ सार्थक और बेहतर लिखने की कोशिश का स्नेह, विश्वास का प्रीतिफल है।
इस सम्मान के लिए उत्तर प्रदेश शासन एवं ‘उत्तर प्रदेश संदेश’ परिवार का हृदय से आभार।
स्वतंत्रता दिवस के इस पावन अवसर पर यही प्रयास है कि लेखनी विचारों की वाहक बने और शब्द राष्ट्रहित एवं समाजहित की दिशा में अपना योगदान देते रहें आपका विश्वास और स्नेह सदैव मिलता रहें.

Thursday, August 13, 2026

डॉ. सौरभ मालवीय को मिला उत्कृष्ट लेखन सम्मान







 लखनऊ। सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रकाशित प्रतिष्ठित पत्रिका ‘उत्तर प्रदेश संदेश’ की ओर से आयोजित उत्कृष्ट लेखन सम्मान समारोह में लखनऊ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यक्ष डॉ. सौरभ मालवीय को उत्कृष्ट लेखन के लिए सम्मानित किया गया।

समारोह में सूचना निदेशक विशाल सिंह ने डॉ. सौरभ मालवीय को उत्तर प्रदेश सरकार की उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं पर प्रकाशित उनके शोधपूर्ण, तथ्यपरक एवं विश्लेषणात्मक लेखन के लिए सम्मान प्रदान किया।

डॉ. मालवीय ने विभिन्न समसामयिक विषयों पर तथ्य एवं शोध आधारित लेखों के माध्यम से सरकार की योजनाओं, उपलब्धियों और विकास कार्यों को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत किया है। उनके लेखन में विषय की गहनता, तथ्यात्मकता और जनसरोकारों का विशेष समावेश रहता है।

सम्मान प्राप्त होने पर डॉ. सौरभ मालवीय ने कहा कि ‘उत्तर प्रदेश संदेश’ जैसी महत्वपूर्ण पत्रिका द्वारा उत्कृष्ट लेखन के लिए सम्मानित किया जाना उनके लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता और लेखन का उद्देश्य केवल सूचना देना नहीं, बल्कि तथ्यों के माध्यम से समाज को जागरूक करना और सकारात्मक विमर्श को आगे बढ़ाना भी है।

डॉ. सौरभ मालवीय लखनऊ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यक्ष होने के साथ-साथ लेखन एवं मीडिया विमर्श के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उनके सम्मान पर विश्वविद्यालय के शिक्षकों, शोधार्थियों, साहित्यकारों एवं पत्रकारिता जगत से जुड़े लोगों ने बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

Tuesday, January 6, 2026

दिव्यांगजन सशक्तीकरण पर सरकार का विशेष फोकस

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने दिव्यांगजनों के सर्वांगीण पुनर्वासन को नई गति देने के लिए महत्वपूर्ण पहल की है। सरकार का लक्ष्य है कि दिव्यांगजन शिक्षा, कौशल विकास, स्वास्थ्य सेवाओं और रोजगार के अवसरों में समान भागीदारी प्राप्त कर सकें और समाज की मुख्यधारा से जुड़ते हुए आत्मनिर्भर जीवन जी सकें। इसी क्रम में ‘दिव्यांगजन के सर्वांगीण पुनर्वासन हेतु स्वैच्छिक संस्थाओं को सहायता योजना’ लागू की गई है, जिसके तहत पात्र स्वैच्छिक संस्थाओं को अनुदान प्रदान किया जाएगा।
इस योजना के अंतर्गत दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 में परिभाषित 21 प्रकार की दिव्यांगताओं के लिए सहायता प्रदान की जाएगी, जबकि मानसिक मंदित एवं मानसिक रूप से रुग्ण दिव्यांगजन इस योजना के दायरे से बाहर रखे गए हैं। सरकार का उद्देश्य विभिन्न श्रेणियों के दिव्यांग बच्चों और य ुवाओं को प्रारंभिक हस्तक्षेप, शिक्षा, प्रशिक्षण और कौशल विकास की सुविधाएं उपलब्ध कराकर उनके पुनर्वासन की एक सुदृढ़ व्यवस्था तैयार करना है।

प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप ने 7 जनवरी 2026 को दिव्यांगजनों के पुनर्वासन से जुड़ी योजनाओं को जमीनी स्तर तक प्रभावी बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि योगी सरकार की प्राथमिकता है कि दिव्यांगजन शिक्षा, कौशल, स्वास्थ्य और रोजगार के प्रत्येक क्षेत्र में समान अवसर प्राप्त कर आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने बताया कि दिव्यांगजनों के सर्वांगीण पुनर्वासन हेतु स्वैच्छिक संस्थाओं को सहायता प्रदान करने की योजना के माध्यम से प्रदेश सरकार सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा दे रही है। इस योजना के अंतगर्त दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 में उल्लिखित 21 प्रकार की दिव्यांगताओं से प्रभावित व्यक्तियों के लिए संचालित पुनर्वासन परियोजनाओं को अनुदान दिया जा रहा है, जिससे दिव्यांग बच्चों और युवाओं को प्रारंभिक हस्तक्षेप, शिक्षा, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास की समुचित सुविधाएं मिल सकें।

उन्होंने बताया कि मानसिक मंदित एवं मानसिक रूप से रुग्ण दिव्यांगजनों को छोड़कर अन्य दिव्यांग वर्गों के लिए यह योजना प्रभावी रूप से लागू की जा रही है। योजना के अंतर्गत अर्ली इंटरवेंशन सेंटरों की स्थापना, डे-केयर सेंटरों एवं प्री-प्राइमरी विद्यालयों का संचालन, प्राथमिक से हाईस्कूल स्तर तक विशेष विद्यालयों का संचालन, दिव्यांगजनों के लिए कौशल विकास कार्यक्रम, पाठ्य सामग्री निर्माण, ब्रेल एवं सहायक उपकरणों की उपलब्धता तथा दिव्यांगजनों से संबंधित पुस्तकालयों के संचालन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को सहायता अनुदान के माध्यम से प्रोत्साहित किया जा रहा है। इन प्रयासों का उद्देश्य दिव्यांगजनों की प्रारंभिक अवस्था से ही पहचान कर उन्हें आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर करना है।

उन्होंने बताया कि योगी सरकार की नीति है कि दिव्यांगजनों के पुनर्वासन में केवल सरकारी तंत्र ही नहीं, बल्कि अनुभवी और समर्पित स्वैच्छिक संस्थाओं की भी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। इसी उद्देश्य से पात्र स्वैच्छिक संस्थाओं के लिए पारदर्शी एवं तकनीक आधारित आवेदन प्रक्रिया निर्धारित की गई है। केवल वही संस्थाएं योजना के अंतर्गत पात्र होंगी, जो दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के अंतर्गत विधिवत पंजीकृत हों, नीति आयोग के एनजीओ दर्पण पोर्टल पर पंजीकरण के साथ विशिष्ट पहचान संख्या रखती हों तथा दिव्यांगजनों के क्षेत्र में न्यूनतम दो वर्षों का कार्यानुभव रखती हों। 

उन्होंने यह भी कहा कि योजना के अंतर्गत प्रस्तुत प्रस्तावों का परीक्षण जिला स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा किया जाएगा, जिसके पश्चात निदेशालय स्तर पर स्क्रीनिंग कमिटी द्वारा अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि सहायता केवल वास्तविक, सक्रिय एवं प्रभावी संस्थाओं को ही मिले और सरकारी धन का समुचित एवं परिणामोन्मुखी उपयोग हो सके। सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने जनपदों में इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कराएं, ताकि अधिक से अधिक स्वैच्छिक संस्थाएं आगे आकर दिव्यांगजनों के पुनर्वासन के इस अभियान में सहभागी बन सकें। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार “सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास” के संकल्प के साथ दिव्यांगजनों को सशक्त, शिक्षित और स्वावलंबी बनाने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही है।

Tuesday, June 3, 2025

गर्व का क्षण


माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल के लिए गौरव का विषय है कि हमारे विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र डा.सौरभ मालवीय अब लखनऊ विश्वविद्यालय में पत्रकारिता विभाग के अध्यक्ष होंगे। डा.मालवीय ने स्नातकोत्तर डिग्री एमसीयू से ली और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद पर पीएचडी भी हमारे विश्वविद्यालय से की। वे जनसंचार विभाग में सहायक प्राध्यापक के रूप में मेरे आत्मीय मित्र और सहयोगी भी रहे। 

 आज मन बहुत प्रसन्न है, डा.सौरभ को बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं।


Friday, October 4, 2024

पंडित विष्णुप्रसाद चतुर्वेदी राष्ट्रीय संस्कृति शिक्षा सम्मान


लखनऊ विश्वविद्यालय में पत्रकारिता के सह प्राध्यापक डॉ. सौरभ मालवीय जी को 'पं. विष्णुप्रसाद चतुर्वेदी राष्ट्रीय संस्कृति शिक्षा सम्मान-2024' मिलने की हार्दिक मंगलकामनाएं....

Thursday, December 7, 2023

एसोसिएट प्रोफेसर बने डॉ.सौरभ मालवीय


प्रभु श्री सीतारामजी की कृपा से बड़े भाई की भूमिका में सतत मेरा मार्गदर्शन कर बेहतर करने हेतु प्रेरित करने वाले डॉ. सौरभ मालवीय जी की लखनऊ विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफ़ेसर के रूप में नियुक्ति मेरे लिए किसी निजी उपलब्धि से कम नहीं है।
'जिमि सरिता सागर महुं जाही।
जद्यपि ताहि कामना नाहीं।।
तिमि सुख संपति बिनहिं बोलाएं।
धरमसील पहिं जाहिं सुभाएं।।'
भावार्थ: जैसे नदियां बहती हुई सागर की ओर ही जाती हैं, जबकि समुद्र को उसके जल की कामना नहीं होती। वैसे ही, यश (सुख-संपत्ति) भी बिना कामना के धर्मशील (विचारवान) लोगों के पास जाकर स्वयं सुशोभित होते हैं। (मानस बालकांड)
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लखनऊ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर बने डॉ. सौरभ मालवीय 
लखनऊ विश्वविद्यालय ने लोकप्रिय मीडिया शिक्षक एवं राजनीतिक विश्लेषक डॉ. सौरभ मालवीय को पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर (सह आचार्य) के पद पर नियुक्त किया है। उन्होंने गुरुवार को विश्विद्यालय में अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया है।
डॉ.सौरभ मालवीय इससे पहले माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल में वरिष्ठ सहायक प्राध्यापक के पद पर कार्यरत थे। डॉ. मालवीय को लखनऊ विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर पद पर चुने जाने पर माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय में उनके लिए विदाई समारोह आयोजित किया गया था। इस मौके पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) के.जी सुरेश और कुलसचिव प्रो. अविनाश वाजपेयी ने एक कार्यक्रम में डॉ. सौरभ मालवीय को स्मृति चिह्न भेंट किया और संस्थान में उनके साथ बिताए तमाम सुखद स्मृतियों को साझा किया।
विदित हो कि डॉ. सौरभ मालवीय ने अपनी लिखित पुस्तक 'राष्ट्रवादी पत्रकारिता के शिखर पुरुष अटल बिहारी बाजपेयी' और ‘भारत बोध’ के माध्यम से लेखन क्षेत्र में भी ख्याति अर्जित किया है। पत्रकारिता विधा में उनके रचना कौशल के लिए डॉ. मालवीय को पं. प्रताप नारायण मिश्र साहित्यकार सम्मान समेत तमाम अवॉर्ड्स से सम्मानित किया जा चुका है। 
उल्लेखनीय है कि डॉ. मालवीय पूर्व में वाजपेयी सरकार में बीजेपी मीडिया सेल से जुड़े थे और वर्ष 2010 तक मीडिया सेल में समन्वयक के रूप में खासे लोकप्रिय रहे। सांस्कृतिक राष्ट्रवाद पर पीएचडी करने वाले श्री मालवीय, राष्ट्रवादी लेखक और वक्ता के रूप में अपनी खास पहचान बनाई है। डॉ. सौरभ तमाम टीवी चैनलों पर  डिबेट में शामिल होते रहते हैं तथा सरकार के नीतियों व कार्यों पर अपना विचार प्रकट करते हैं।
शिवेश प्रताप 

Thursday, August 10, 2023

देवरिया गौरव सम्मान से सम्मानित हुए डॉ.सौरभ मालवीय


धर्मराज सिंह शिक्षण संस्थान, पिपरा लार में आयोजित देवरिया गौरव सम्मान समारोह में  डॉ.मालवीय को शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ठ कार्य के लिए सम्मानित किया गया। डॉ.मालवीय का जन्म ग्राम-पटनेजी, जनपद- देवरिया में हुआ। प्रारम्भिक शिक्षा सरस्वती शिशु मंदिर लार में हुई।
 माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विवि. भोपाल में सहायक प्राध्यापक सौरभ मालवीय अनेक पुस्तकों का लेखन किया है जिसमें राष्ट्रवादी पत्रकारिता के शिखरपुरुष अटल बिहारी बाजपेयी, अंत्योदय को साकार करता उत्तर प्रदेश, विकास के पथ पर भारत एवं भारत बोध प्रमुख है। 
कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी देवरिया- श्री रविंद्र कुमार जी, उप पुलिस अधीक्षक श्री राजेश सोनकर, पूर्व विधायक श्री सत्य प्रकाश मणि, पूर्व विधायक श्री काली प्रसाद जी, प्रबंधक श्री संतोष सिंह लारी समेत अनेक गणमान्य उपस्थित थे।

Monday, February 28, 2022

सम्मान


सबके प्रिय मालवीय जी,
पं.बृजलाल द्विवेदी स्मृति अखिल भारतीय साहित्यिक पत्रकारिता सम्मान समारोह( 9 फरवरी, 2020 गांधी भवन, भोपाल) के आयोजन में रीवा से पधारे डा. सौरभ मालवीय सबके प्रिय हैं। आयोजन, भोजन और चर्चा के साथ इस मौके पर उनकी किताब भी लोकार्पित हुई, बधाई।
प्रोफ़ेसर संजय द्विवेदी 

Sunday, December 27, 2020

समाचार पत्रों में







शनिवार को लखनऊ में भाउराव देवरस न्यास की ओर से पत्रकारिता विधा में ‘पं. प्रतापनारायण मिश्र युवा साहित्यकार सम्मान’ को समाचार पत्रों ने प्रमुखता से स्‍थान दिया। सभी का हार्दिक आभार। 
एक बार पुन: दिल से आभार...

Sunday, December 23, 2018

Saturday, November 24, 2018

सम्मान

 

न्‍यू मीडिया पर हिमगिरी ज़ी यूनिवर्सिटी, देहरादून में आयोजित संगोष्‍ठी के दौरान। 
Himgiri Zee University

ऋषि परम्परा की तपोस्थली नैमिष दर्शन

नैमिषारण्य केवल एक तीर्थ नहीं, बल्कि ऋषि परम्परा, तप, ज्ञान और भारतीय आध्यात्मिक चेतना की पवित्र भूमि है।  मान्यता है कि इसी पावन धरती पर ऋष...