Sourabh Malviya डॉ.सौरभ मालवीय
विचारों की धरा पर शब्दों की अभिव्यक्ति...
Saturday, July 11, 2026
विश्व रंग मंच में डिजिटल मीडिया और भारतीय ज्ञान परम्परा पर मंथन
रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, भोपाल में 9 से 11 जुलाई 2026 तक आयोजित विश्व रंग मंच के अंतर्गत हिन्दी पत्रकारिता विषयक तीन दिवसीय कार्यक्रम सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। इस आयोजन में देशभर से आए पत्रकारों, शिक्षाविदों, साहित्यकारों एवं शोधार्थियों ने हिन्दी पत्रकारिता की दो शताब्दियों की गौरवशाली यात्रा, वर्तमान चुनौतियों तथा भविष्य की संभावनाओं पर व्यापक विचार-विमर्श किया।
कार्यक्रम के समापन सत्र में डॉ. सौरभ मालवीय ने "डिजिटल मीडिया और भारतीय ज्ञान परम्परा" विषय पर वक्ता के रूप में अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान परम्परा के मूल्यों को डिजिटल मीडिया के माध्यम से वैश्विक स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुँचाया जा सकता है। उन्होंने तथ्यपरक, मूल्यनिष्ठ और समाजोन्मुख डिजिटल पत्रकारिता की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि तकनीक तभी सार्थक है, जब वह सत्य, संवेदना और सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ जुड़ी हो।
इस सत्र की अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार राजेश बादल ने की। उन्होंने पत्रकारिता को लोकतंत्र का सशक्त आधार बताते हुए बदलते मीडिया परिदृश्य में हिन्दी पत्रकारिता की भूमिका पर प्रकाश डाला। जयदीप करणीक अमर उजाला डिजिटल के संपादक, ने भी अपने विचार रखते हुए डिजिटल युग में विश्वसनीय पत्रकारिता, तथ्य-जांच और नई मीडिया तकनीकों के महत्व पर विस्तार से चर्चा की।
विश्व रंग, रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय की एक प्रमुख सांस्कृतिक एवं बौद्धिक पहल है, जो साहित्य, कला, संस्कृति, शिक्षा और मीडिया के विविध आयामों पर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संवाद का प्रभावी मंच प्रदान करती है।
समापन सत्र में वक्ताओं ने हिन्दी पत्रकारिता को नई तकनीकों के साथ जोड़ते हुए उसकी विश्वसनीयता, जनपक्षधरता और सामाजिक उत्तरदायित्व को और अधिक सुदृढ़ बनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर श्री संतोष चौबे का सान्निध्य मिला।
Friday, July 10, 2026
Thursday, July 9, 2026
रानी अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा का अनावरणा
-डॉ. सौरभ मालवीय
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की सरकार देश-प्रदेश के महापुरुषों और वीरांगनाओं को पूर्ण आदर-सम्मान दे रही है। उनकी प्रतिमाओं को स्थापित करना इसका प्रमाण है। मुख्यमंत्री ने 9 जुलाई 2026 को जनपद बांदा में वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा का अनावरण किया।
उन्होंने कहा कि लगभग तीन वर्ष पहले भी उन्हें बांदा में दो महत्वपूर्ण प्रतिमाओं के अनावरण का अवसर मिला था। आज वीरांगना अवंतीबाई की प्रतिमा के अनावरण से यह गौरवशाली परम्परा आगे बढ़ी है। बांदा का सिटी डेवलपमेंट प्लान, विकसित होती सड़कें और अन्य विकास कार्य इस बात के प्रमाण हैं कि योजनाबद्ध विकास किस प्रकार किसी शहर की पहचान बदल सकता है।
उन्होंने सन् 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय पूरे देश में आजादी की प्रबल इच्छा थी। बैरकपुर में मंगल पाण्डे ने क्रांति की चिंगारी जलाई, मेरठ में कोतवाल धनसिंह गुर्जर ने उसका नेतृत्व किया, कानपुर के बिठूर में तात्या टोपे ने उसे आगे बढ़ाया और झांसी में महारानी लक्ष्मीबाई ने वीरता का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया। इसी महान परंपरा में वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी ने भी राष्ट्रधर्म को सर्वोपरि मानते हुए मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया।
उन्होंने कहा कि आज भले ही वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका साहस, संघर्ष और बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। उन्होंने प्रतिमा स्थापना से जुड़े सभी लोगों अभिनंदन करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज में राष्ट्रनायकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि जब अच्छे नेता चुने जाते हैं, तो महापुरुषों को ऐसे ही सम्मान मिलता है। यह सम्मान उन नायकों-नायिकाओं और वीरों-वीरांगनाओं के प्रति कृतज्ञता है, जिनके लिए राष्ट्रधर्म ही सर्वोपरि था और उसके लिए बलिदान दिया। इसी परंपरा में वीरांगना अवंतीबाई लोधी का नाम भी आता है।
इस अवसर पर जलशक्ति राज्य मंत्री श्री रामकेश निषाद, पीडब्ल्यूडी राज्यमंत्री श्री बृजेश सिंह, विधायक श्री प्रकाश द्विवेदी, श्रीमती ओममणी वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
Monday, July 6, 2026
टीवी पर लाइव
केंद्र सरकार की ओर से देशव्यापी NRC लागू करने की कोई नई आधिकारिक अधिसूचना या समय-सारिणी जारी नहीं हुई है। यह सही है कि 2019 में अमित शाह जी ने देशभर में NRC लागू करने की बात कही थी, लेकिन बाद में केंद्र सरकार ने संसद में कहा था कि उस समय पूरे देश में NRC लागू करने की कोई योजना नहीं हैं.
Sunday, July 5, 2026
विजयादशमी
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डॉ. सौरभ मालवीय ‘नारी’ इस शब्द में इतनी ऊर्जा है कि इसका उच्चारण ही मन-मस्तक को झंकृत कर देता है, इसके पर्यायी शब्द स्त्री, भामिनी, कान...
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डॉ. सौरभ मालवीय मनुष्य जिस तीव्र गति से उन्नति कर रहा है, उसी गति से उसके संबंध पीछे छूटते जा रहे हैं. भौतिक सुख-सुविधाओं की बढ़ती इच्छाओं क...



















