Sourabh Malviya डॉ.सौरभ मालवीय
विचारों की धरा पर शब्दों की अभिव्यक्ति...
Tuesday, October 6, 2026
Monday, October 5, 2026
टीवी पर लाइव
“हिंदुत्व केवल पूजा-पद्धति या धार्मिक पहचान का नाम नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना, जीवन-मूल्यों, सह-अस्तित्व और ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना से जुड़ा एक व्यापक जीवन-दर्शन है।”
Sunday, October 4, 2026
विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्रीय कार्य समिति की बैठक प्रारम्भ
विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश की क्षेत्रीय कार्य समिति की बैठक निराला नगर, लखनऊ स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में प्रारम्भ हुई। बैठक में क्षेत्रीय मंत्री डॉ. सौरभ मालवीय ने प्रस्तावना रखते हुए आगामी कार्ययोजना, संगठन की प्राथमिकताओं एवं शैक्षिक गतिविधियों पर प्रकाश डाला।
बैठक में क्षेत्रीय अध्यक्ष श्री दिव्य कांत शुक्ल, संगठन मंत्री श्री हेमचंद्र जी सहित क्षेत्रीय कार्य समिति के समस्त पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में संगठन को अधिक प्रभावी बनाने, संस्कारयुक्त एवं भारत-केंद्रित शिक्षा को समाज के व्यापक वर्ग तक पहुँचाने तथा आगामी कार्यक्रमों की कार्ययोजना पर विचार-विमर्श किया जा रहा है।
संस्कारयुक्त शिक्षा — राष्ट्र निर्माण का आधार।
Saturday, October 3, 2026
टीवी पर लाइव
“भारत निर्वाचन आयोग एक संवैधानिक संस्था है, जिसका मूल दायित्व स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करना तथा लोकतांत्रिक व्यवस्था और मतदाता के अधिकारों की रक्षा करना है। निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े उसके निर्णयों का उद्देश्य लोकतंत्र की विश्वसनीयता और व्यापक राष्ट्रहित को मजबूत करना है।"
पुस्तक भेंट
बधाई!!
-प्रोफ़ेसर संजय द्विवेदी
प्रेस वार्ता
प्रेस वार्ता
तेतरी बाजार सिद्धार्थनगर, 03 अक्टूबर 2026
सरस्वती शिशु मंदिर योजना के 75 वर्ष पूर्ण होने पर विद्या भारती देशभर में इसे ‘अमृत महोत्सव’ के रूप में मनाएगी - डॉ सौरभ मालवीय
भारतीय संस्कृति, संस्कार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के संवाहक शैक्षिक संगठन विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान शिशु मन्दिर योजना के 75 वर्ष पूर्ण होने पर ‘अमृत महोत्सव’ के उपलक्ष्य पर विद्या भारती द्वारा संचालित देशभर के शिक्षण संस्थानों में विभिन्न प्रेरणादायी एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भव्य आयोजन करेगी। विद्या भारती द्वारा संचालित सरस्वती शिशु मंदिरों और विद्या मंदिरों में आयोजित किए जाने वाले आयोजनों का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी प्राचीन संस्कृति, राष्ट्रीय गौरव और उच्च नैतिक मूल्यों से जोड़ना है। विद्या भारती का उद्देश्य इस आयोजन को केवल एक संस्थागत उत्सव न बनाकर 'सामाजिक उत्सव' का रूप देना, जिसके निमित्त पूर्व छात्रों, शिक्षाविदों और समाज के प्रबुद्ध नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। विद्या भारती का यह अमृत महोत्सव आने वाली पीढ़ी को राष्ट्र सेवा, सामाजिक समरसता और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के संकल्प के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा। उपरोक्त बातें विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के क्षेत्रीय मंत्री डॉ. सौरभ मालवीय ने रघुवर प्रसाद जायसवाल सरस्वती विद्या मन्दिर तेतरी बाजार, नौगढ़ में आयोजित एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहीं।
डॉ मालवीय ने बताया कि संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के 650वें प्राकट्य वर्ष के अवसर पर समाज में एकता, समानता और बंधुत्व की भावना को सुदृढ़ करने के लिए विद्या भारती द्वारा देश भर में 'सामाजिक समरसता' के विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। विद्या भारती औपचारिक और अनौपचारिक माध्यमों से नई पीढ़ी के मन में संत रविदास के विचारों को रोपित कर सामाजिक समरसता को सशक्त बनाने में अग्रदूत की भूमिका निभा रही है। विद्या भारती एक ऐसे सशक्त, संगठित और समरस भारत के निर्माण में अपना योगदान दे रही है जिसकी कल्पना संत रविदास ने की थी।
इस अवसर पर विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के क्षेत्रीय संगठन मंत्री हेमचन्द्र जी, क्षेत्र प्रचार संयोजक डॉ योगेन्द्र प्रताप सिंह, क्षेत्रीय बालिका शिक्षा प्रमुख उमाशंकर मिश्र, प्रदेश निरीक्षक शिशु शिक्षा समिति गोरक्ष प्रान्त राम सिंह जी, गोरखपुर संभाग निरीक्षक अजय दुबे जी, विद्यालय के प्रबंधक अजय कुमार जायसवाल, प्रधानाचार्य बसंत प्रसाद मिश्र उपस्थित रहे।
Subscribe to:
Posts (Atom)
-
डॉ. सौरभ मालवीय ‘नारी’ इस शब्द में इतनी ऊर्जा है कि इसका उच्चारण ही मन-मस्तक को झंकृत कर देता है, इसके पर्यायी शब्द स्त्री, भामिनी, कान...
-
डॉ. सौरभ मालवीय किसी भी देश के लिए एक विधान की आवश्यकता होती है। देश के विधान को संविधान कहा जाता है। यह अधिनियमों का संग्रह है। भारत के संव...





































