Friday, March 13, 2026

संवाद कार्यक्रम आयोजित





चन्दन चौकी, लखीमपुर खीरी। 11 मार्च 2026
जनजातीय क्षेत्र में संस्कारयुक्त शिक्षा और सांस्कृतिक जागरण के उद्देश्य से संचालित जनजातीय संस्कार केंद्र, चन्दन चौकी में बहनों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय मंत्री डॉ. सौरभ मालवीय ने केंद्र की बहनों से आत्मीय संवाद करते हुए कहा कि जनजातीय समाज भारतीय संस्कृति और परंपराओं का महत्वपूर्ण आधार है। इनके संस्कार, परिश्रम और प्रकृति के प्रति सम्मान की भावना समाज को नई दिशा देने का कार्य करती है।
डॉ. मालवीय ने कहा कि संस्कार केंद्रों के माध्यम से जनजातीय क्षेत्र की बहनों और बच्चों में शिक्षा, संस्कार, आत्मविश्वास और राष्ट्रभाव जागृत करने का महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बहनों को शिक्षा के साथ-साथ अपने पारंपरिक ज्ञान, संस्कृति और मूल्यों को सुरक्षित रखने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर बहनों ने भी अपने अनुभव साझा किए और संस्कार केंद्र की गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम आत्मीय वातावरण में सम्पन्न हुआ तथा सभी ने समाज और राष्ट्र निर्माण के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर श्री मिथिलेश अवस्थी जी, प्रदेश निरीक्षक तथा श्री नरोत्तम जी उपस्थित रहें।

संवाद का स्वराज विषय पर राष्ट्रीय व्याख्यान सम्पन्न


इंदौर (मध्य प्रदेश).माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्व विद्यालय भोपाल तथा इंदौर प्रेस क्लब के संयुक्त तत्वावधान में आज इंदौर प्रेस क्लब सभागृह में संवाद का स्वराज विषय पर राष्ट्रीय व्याख्यान कार्यक्रम सम्पन्न हुआ. यह कार्यक्रम केन्द्रीय विश्वविद्यालय, धर्मशाला, हिमाचल प्रदेश के कुलपति डॉ. कुलदीपचन्द अग्निहोत्री के मुख्य आतिथ्य में तथा माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय भोपाल कुलपति प्रो. बृज किशोर कुठियाला की अध्यक्षता में हुआ. इस अवसर पर माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्व विद्यालय भोपाल के कुलाधिपति एवं सचिव श्री लाजपत आहूजा तथा इंदौर प्रेस क्लब के अध्यक्ष श्री प्रवीण खारीवाल विशेष रूप से मौजूद थे.
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए डॉ.कुलदीपचन्द अग्निहोत्री ने कहा कि स्वस्थ एवं स्वच्छ वातावरण में हुआ संवाद ही स्वराज की पहचान है. संवाद के पीछे षड़यंत्र हो तो गड़बड़ होती है. अंग्रेजों ने भारत में आर्य एवं अनार्य के रूप में विघटन पैदा करने की कोशिश की. भारत की विविधता को नयी अवधारणा से प्रस्तुत किया. इससे भारत के संबंध में विकृत मानसिकता पैदा हुई. उन्होंने हमारे देश की विविधता के आधार पर देश को बांटने का प्रयास किया. उन्होंने कहा कि विकृत मानसिकता वालों से सावधान रहने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि देशहित में चर्चा होना संवाद का स्वराज है. हमें देश को बांटने वाले तथा तोड़ने वालों की हर चुनौतियों का डटकर मुकाबला करना चाहिए.
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए प्रो. कुठियाला ने कहा कि शब्द ब्रम्ह है. अब शब्द को ब्रम्ह में नहीं भ्रम में बदला जा रहा है. शब्द सर्वशक्तिमान है. शब्द से विचार बनता है और यह विचार व्यवहार रूप में दिखाई देते हैं. उन्होंने कहा कि संवाद, उद्देश्यपरक होना चाहिए. संवाद से सहमति बनना चाहिए. और सहमति के आधार पर परिणाम भी मिलना चाहिए, तभी संवाद की सर्थकता होती है. संवाद को आडम्बर नहीं बनने देना चाहिए. व्यर्थ का संवाद नहीं करना चाहिए. राष्ट्रीय हित में संवाद होना चाहिए. संवाद को विवाद नहीं बनने देना चाहिए. संवाद की प्रकृति विविधता भरी है. जिस तरह प्रकृति में विविधता है, उसी तरह संवाद में भी विविधता होती है. उन्होंने कहा कि विचार से ही अभिव्यक्ति बनती है. अभिव्यक्ति के माध्यम अलग-अलग होते हैं. उन्होंने कहा कि विचारों की अभिव्यक्ति में दायित्व का बोध होना चाहिए. संवाद जब दायित्वविहीन हो जाते हैं तब समाज टूटने लगता है. सकारात्मक संवाद बढ़ने से नकारात्मक संवाद अपने आप समाप्त हो जाते हैं.
कार्यक्रम में कुलाधिपति एवं सचिव श्री लाजपत आहूजा ने विषय का प्रतिपादन किया. उन्होंने कहा कि संवाद की परम्परा हमारी सदियों पुरानी परंपरा है. संवाद का स्वराज हमारी विशेष पहचान है. सहिष्णुता हमारी प्रकृति में है.
कार्यक्रम में इंदौर के वरिष्ठ पत्रकार श्री शशीन्द्र जलधारी ने कविता का वाचन किया. कार्यक्रम में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्व विद्यालय भोपाल द्वारा प्रकाशित पुस्तिका का विमोचन किया. कार्यक्रम का संचालन श्री सौरव मालवीय ने किया.

Thursday, March 12, 2026

टीवी पर लाइव



सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में तेल और गैस की उपलब्धता को लेकर किसी प्रकार की घबराने की आवश्यकता नहीं है। 
सरकार ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है। सरकार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है, लेकिन भारत ने अपनी संतुलित और दूरदर्शी नीति के माध्यम से स्थिति को नियंत्रित रखने का प्रयास किया है।

प्रकृति का अद्भुत सौंदर्य







चन्दन चौकी, लखीमपुर खीरी के जंगलों में सुबह की सैर सचमुच प्रकृति के अद्भुत सौंदर्य का अनुभव कराती है। भारत-नेपाल सीमा के समीप बसे ये गांव हरियाली, शुद्ध हवा और शांत वातावरण से मन को आनंदित कर देते हैं.
प्रकृति की गोद में जीवन का सुख
लखीमपुर खीरी के चन्दन चौकी के जंगलों में सुबह टहलना किसी आध्यात्मिक अनुभव से कम नहीं लगता। सूर्योदय की पहली किरणें जब घने वृक्षों की पत्तियों से छनकर धरती पर पड़ती हैं, तो पूरा वातावरण मानो स्वर्णिम आभा से भर उठता है।
भारत-नेपाल सीमा के आसपास बसे गांवों की सरलता और प्रकृति का सान्निध्य जीवन को एक अलग ही शांति देता है। यहां पक्षियों का मधुर कलरव, जंगलों की हरियाली और शुद्ध वायु मन और शरीर दोनों को नई ऊर्जा प्रदान करते हैं।
प्रकृति की गोद में बसे ये क्षेत्र हमें याद दिलाते हैं कि जीवन का वास्तविक सुख भौतिक साधनों में नहीं, बल्कि प्रकृति के साथ सामंजस्य और सरल जीवन में निहित है। चन्दन चौकी के जंगलों में सुबह की सैर मन को प्रसन्न करती है और आत्मा को एक अद्भुत शांति का अनुभव कराती है।


दुधवा राष्ट्रीय उद्यान





दुधवा राष्ट्रीय उद्यान उत्तर प्रदेश का एक प्रसिद्ध वन्यजीव अभयारण्य और टाइगर रिज़र्व है। यह भारत-नेपाल सीमा के पास तराई क्षेत्र में स्थित है और प्राकृतिक सुंदरता, घने जंगलों तथा दुर्लभ वन्यजीवों के लिए जाना जाता है।

Wednesday, March 11, 2026

संस्कार युक्त शिक्षा से ही समाज का सुदृढ़ निर्माण संभव : डॉ. सौरभ मालवीय










लखीमपुर खीरी।
प्रताप नारायण मिश्र विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, चन्दन चौकी, लखीमपुर खीरी में विद्यालय प्रवास के दौरान विद्या भारती के क्षेत्रीय मंत्री डॉ. सौरभ मालवीय ने कहा कि संस्कार युक्त शिक्षा ही समाज के समग्र और सुदृढ़ निर्माण का आधार है। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण और राष्ट्र निर्माण का सशक्त साधन है।

डॉ. मालवीय ने अपने संबोधन में कहा कि आज विशेष रूप से जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा के विस्तार और संस्कार आधारित शिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता है। जनजातीय समाज में शिक्षा के माध्यम से आत्मविश्वास, सांस्कृतिक गौरव और आत्मनिर्भरता का भाव विकसित किया जा सकता है। विद्या भारती इस दिशा में निरंतर कार्य कर रही है और समाज के सहयोग से इस कार्य को और व्यापक बनाया जाएगा।

विद्यालय परिवार के साथ संवाद करते हुए उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे विद्यार्थियों में ज्ञान के साथ-साथ राष्ट्रभाव, चरित्र निर्माण और सेवा की भावना विकसित करें।

इस अवसर पर विद्या भारती के प्रदेश निरीक्षक मिथिलेश अवस्थी भी उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यालय के शैक्षिक एवं सांस्कृतिक कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज को सकारात्मक दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

विद्यालय परिवार ने अतिथियों का स्वागत किया और विद्यालय की गतिविधियों से अवगत कराया।


Tuesday, March 10, 2026

सुखद भेंट



लखीमपुर खीरी
प्रसिद्ध समाजसेवक श्री सलील अग्रवाल के निवास पर सुखद भेंट.

संवाद कार्यक्रम आयोजित

चन्दन चौकी, लखीमपुर खीरी। 11 मार्च 2026 जनजातीय क्षेत्र में संस्कारयुक्त शिक्षा और सांस्कृतिक जागरण के उद्देश्य से संचालित जनजातीय संस्कार क...