Sourabh Malviya डॉ.सौरभ मालवीय
विचारों की धरा पर शब्दों की अभिव्यक्ति...
Thursday, February 26, 2026
मासिक गोष्ठी
मासिक गोष्ठी
विषय - राष्ट्रहित में पर्यावरण
संस्कृति पुनरूत्थान समिति व राष्ट्रधर्म प्रकाशन लि.के तत्वावधान में दिनांक - 26 फरवरी 2026 को सायं 4:00 बजे सम्पन्न हुई.
स्थान- राष्ट्रधर्म कार्यालय, राजेंद्र नगर, लखनऊ
Tuesday, February 24, 2026
बैठक
शोध संस्थान के सम्मानित अधिकारी गणों की बैठक -लखनऊ कार्यालय निरालानगर में सम्पन्न.
विद्या भारती विद्यालयों तथा विद्यार्थियों का भावनात्मक, सामाजिक प्रभाव, भारतीय शिक्षा दर्शन एवं मनोविज्ञान के आधार पर शिक्षण पद्धतियों के परिणाम पर भारतीय शिक्षा शोध संस्थान ने शोध नीति की बैठक में श्रीमान गोविन्द जी, श्रीमान देशराज जी, मा. यतीन्द्र जी, आ. हेमचन्द्र जी सहित सदस्य गण.
Monday, February 23, 2026
गौरव का स्वर्णिम क्षण
सरस्वती शिशु मंदिर, अर्जुनगंज, लखनऊ में नवीन कम्प्यूटर लैब एवं विद्यालय वेबसाइट के लोकार्पण अवसर पर उत्तर प्रदेश की महामहिम राज्यपाल श्रीमती आनन्दीबेन पटेल जी की गरिमामयी उपस्थिति प्राप्त हुई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ० सौरभ मालवीय (क्षेत्रीय मंत्री, विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश) द्वारा की गई।
माननीय राज्यपाल महोदया के करकमलों द्वारा सम्पन्न यह लोकार्पण समारोह विद्यालय के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में अंकित हुआ।
विद्या भारती परिवार उनके आशीर्वचनों हेतु हृदय से आभार व्यक्त करता है।
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सरस्वती शिशु मंदिर एवं विद्या मंदिर का पूर्व छात्र होने के नाते यह मेरे लिए अत्यंत गौरव एवं आत्मसंतोष का क्षण है। विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षण संस्थान निरंतर प्रगति-पथ पर अग्रसर होकर नित नई ऊँचाइयों तक पहुँच रहा है। क्षेत्रीय मंत्री, पूर्वी उत्तर प्रदेश, आदरणीय श्री सौरभ मालवीय गुरु जी के कुशल नेतृत्व, दूरदर्शी प्रबंधन तथा स्नेहिल संरक्षण में शिशु मंदिर एवं विद्या मंदिर विद्यालयों का प्रभावशाली कायाकल्प जारी है। यह परिवर्तन केवल भौतिक उन्नयन तक सीमित नहीं है, अपितु शैक्षणिक उत्कृष्टता, सांस्कृतिक चेतना और नैतिक मूल्यों की सुदृढ़ स्थापना का सशक्त प्रतीक भी है।
सचित्र मिश्रा
सचित्र मिश्रा
Sunday, February 22, 2026
Friday, February 20, 2026
टीवी पर लाइव
अपने देश में AI समिट जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम हो रहा, तब कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का विरोध आयोजन स्थल पर अनुचित व्यवहार करने जैसा था, जिससे भारत की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा धूमिल हुई। कांग्रेस ने देश की प्रतिष्ठा बढ़ाने के बजाय आयोजन में विघ्न उत्पन्न किया और कांग्रेस पार्टी राष्ट्रीय हित के बजाय राजनीतिक लाभ को प्राथमिकता देती है.
कांग्रेस पार्टी ने ऐसा विरोध किया जो भारत की छवि को नुकसान पहुँचाने जैसा था, खासकर जब वैश्विक नेता, तकनीकी विशेषज्ञ और निवेशक यहाँ आए हुए हैं.
भारत की जनता भली-भांति समझती है कि कौन देश को सशक्त बनाना चाहता है और कौन बार-बार देश की छवि को धूमिल करने का प्रयास करता है.
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मासिक गोष्ठी
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