लखनऊ विश्वविद्यालय 69वां दीक्षान्त समारोह - लखनऊ
विचारों की धरा पर शब्दों की अभिव्यक्ति...
नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि उसके परिवार, समाज और राष्ट्र की प्रगति को भी प्रभावित करता है। यह युवाओं की प्रतिभा, आत्मविश्वास, निर्णय क्षमता और कार्यकुशलता को कमजोर कर देता है। इसके विपरीत, नशामुक्त युवा अनुशासित, स्वस्थ, आत्मनिर्भर और राष्ट्र के प्रति उत्तरदायी नागरिक बनते हैं।
विकसित भारत का आधार केवल आर्थिक प्रगति नहीं, बल्कि स्वस्थ, संस्कारित और जागरूक नागरिक भी हैं। जब युवा नशे से दूर रहकर शिक्षा, विज्ञान, तकनीक, खेल, उद्यमिता और सामाजिक सेवा में योगदान देते हैं, तब राष्ट्र की उत्पादकता और वैश्विक प्रतिष्ठा दोनों बढ़ती हैं।
आज आवश्यकता है कि परिवार, विद्यालय, समाज, मीडिया और शासन मिलकर नशामुक्ति के प्रति जनजागरण करें। युवाओं को सकारात्मक जीवन-मूल्यों, खेल, योग, सांस्कृतिक गतिविधियों और राष्ट्रसेवा से जोड़ना समय की मांग है।
संकल्प यही हो— "नशा नहीं, शिक्षा चुनें; व्यसन नहीं, विकास चुनें; स्वस्थ युवा, समर्थ भारत; नशामुक्त युवा ही विकसित भारत की सच्ची राष्ट्रधरोहर हैं।"
बैठक में सभी कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन करते हुए क्षेत्र संगठन मंत्री श्री हेमचंद्र जी ने कहा कि विद्या भारती का मूल लक्ष्य संस्कारयुक्त एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है। इसके लिए प्रत्येक कार्यकर्ता को अपने-अपने विषय का गहन अध्ययन करते हुए उसकी समुचित जानकारी प्राप्त करनी चाहिए तथा विद्यालयों में उसे प्रभावी ढंग से लागू करने का सतत प्रयास करना चाहिए। उन्होंने सभी विषय प्रमुखों से संगठन की कार्ययोजनाओं को समयबद्ध एवं योजनाबद्ध तरीके से क्रियान्वित करने का आह्वान किया।
बैठक में विभिन्न विषयों की प्रगति की समीक्षा की गई तथा आगामी शैक्षिक सत्र के कार्यक्रमों को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। सभी विषय प्रमुखों ने अपने-अपने विभाग की योजनाओं एवं भावी कार्यों की पीपीटी प्रस्तुत की।
पृथ्वी विज्ञान और पुराविज्ञान को फिल्मों एवं जनसंवाद के माध्यम से आम लोगों तक पहुँचाना और विज्ञान संचार, मीडिया की भूमिका तथा जनभागीदारी पर राष्ट्रीय संवाद, पैनल चर्चा, कार्यशालाएँ और मास्टरक्लास का आयोजन हुआ.
तीन दिवसीय सेमिनार एवं फिल्म महोत्सव विज्ञान, मीडिया और समाज के बीच संवाद को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है तथा विज्ञान संचार के क्षेत्र में एक नए मॉडल के रूप में स्थापित होगा.
बैठक के प्रथम सत्र को संबोधित करते हुए डॉ. सौरभ मालवीय, मंत्री, विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश ने प्रांतीय विषय प्रमुखों एवं संयोजकों के साथ शैक्षणिक गुणवत्ता, पाठ्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन, संस्कारयुक्त शिक्षा तथा विषयगत नवाचारों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि विद्या भारती का लक्ष्य केवल ज्ञानार्जन नहीं, बल्कि ऐसे चरित्रवान, राष्ट्रनिष्ठ एवं समाजोपयोगी विद्यार्थियों का निर्माण करना है, जो भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों से जुड़े हों। उन्होंने सभी विषय प्रमुखों से अपने-अपने क्षेत्रों में नवाचार, सतत समीक्षा एवं प्रभावी कार्ययोजना के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
बैठक के द्वितीय सत्र में प्रदेश निरीक्षक रामजी सिंह ने पावर प्वाइंट प्रस्तुति (PPT) के माध्यम से सभी विषय प्रमुखों से उनके कार्यों की प्रगति की समीक्षा की तथा आगामी योजनाओं के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।
बैठक में सुरेश सिंह, उत्तम कुमार मिश्र, अवधेश सिंह, गोपाल राम, अचल नारायण गिरि एवं मनीष शुक्ल सहित अनेक गणमान्य पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। विद्यालय की प्रधानाचार्या निरुपमा सिंह ने सभी अतिथियों का स्वागत एवं औपचारिक परिचय कराया।
बैठक का समापन शैक्षिक उत्कृष्टता, संस्कारनिष्ठ शिक्षा और संगठनात्मक सुदृढ़ीकरण के संकल्प के साथ सकारात्मक वातावरण में संपन्न हुआ।