आदरणीय बड़े भाई एवं शुभेच्छु डॉ. सौरभ मालवीय जी (क्षेत्रीय मंत्री, विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश एवं प्रोफेसर, लखनऊ विश्वविद्यालय) का कल मेरे ग्राम देवरिया गंगा आगमन से हृदय अत्यंत प्रसन्न और अभिभूत हुआ। आपका स्नेहिल सानिध्य सदैव मेरे लिए प्रेरणा और ऊर्जा का स्रोत रहा है।
मेरी नवीन प्रकाशित पुस्तक "पंच परिवर्तन : राष्ट्रोत्थान की संघ दृष्टि" के लेखन में आपके अमूल्य मार्गदर्शन, सुझाव एवं बौद्धिक सहयोग के लिए मैं हृदय से कृतज्ञ हूँ। आपके विचारों ने न केवल इस कृति को दिशा दी, बल्कि इसके चिंतन को और अधिक परिपक्व तथा राष्ट्रसमर्पित स्वरूप प्रदान किया।
यह पुस्तक भेंट करते हुए मुझे अत्यंत गर्व और आत्मसंतोष की अनुभूति हुई। आपके सान्निध्य से भावी लेखन के लिए भी एक नई ऊर्जा और स्पष्ट पथ प्राप्त हुआ है।
आपका स्नेह एवं आशीर्वाद सदैव बना रहे, यही कामना है।
शिवेश प्रताप
शिवेश प्रताप


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