Friday, April 10, 2026

टीवी पर लाइव





ममता बनर्जी के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल में लोकतांत्रिक मूल्यों का लगातार हनन हो रहा है।  राज्य सरकार चुनाव के दौरान Election Commission of India के साथ पूर्ण सहयोग नहीं करती, जिससे निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव प्रभावित होते हैं।

 तृणमूल कांग्रेस सरकार “वोट बैंक की राजनीति” कर रही है और सत्ता में बने रहने के लिए प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग किया जा रहा है।  कानून-व्यवस्था की स्थिति चुनाव के समय कमजोर हो जाती है, जिससे विपक्षी कार्यकर्ताओं को नुकसान उठाना पड़ता है।

 जनता अब बदलाव चाहती है और इस चुनाव में पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन निश्चित है। 

 “4 मई को दीदी की विदाई तय है”,   तृणमूल कांग्रेस की हार होगी और राज्य में नई सरकार बनेगी। बंगाल में कमल खिलेगा नया सवेरा होगा.

No comments:

Post a Comment

दिव्यांगों के लिए योजनाएं : सशक्तीकरण होगा

देश में ढाई करोड़ से अधिक दिव्यांगजन हैं। सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ उनके सशक्तिकरण और आर्थिक समावेश के लिए निरंतर कार्यरत है। केंद्र सरक...