सिंहासन पर विराजने का अपना सुख है, किंतु सच्चा नेतृत्व सुख में नहीं, बल्कि दायित्वों के निर्वहन और जनकल्याण में निहित होता है।
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक, भारतीय संत परम्परा के संवाहक, मां भारती की सेवा में अपना जीवन समर्पित करने वाले विद्या भारती पूर...
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