देश में भ्रष्टाचार, गरीबी और निरक्षरता जैसी समस्याएं एक बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। इससे निपटने के लिए जनता और सरकार दोनों को ही मिलकर काम करना होगा। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संकल्प से सिद्धि नामक कार्यक्रम प्रारंभ किया है। वर्ष 2017 से 2022 तक चलने वाले इस कार्यक्रम का उद्देश्य देश की अर्थव्यवस्था, नागरिक, समाज, प्रशासन, सुरक्षा और अन्य कई क्षेत्रों में सुधार लाकर देश में सकारात्मक परिवर्तन लाना है।
संकल्प से सिद्धि कार्यक्रम के अंतर्गत नये भारत आंदोलन से भारतीय नागरिकों को भेदभाव, जातिवाद, सांप्रदायिकता जैसे कई सामाजिक मुद्दों से अवगत कराने के लिए कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। यह आंदोलन भारतीय नागरिकों में सकारात्मक परिवर्तन के लिए सुधार करने की तत्काल आवश्यकता को जागृत करने के लिए प्रारंभ किया गया है। इसके द्वारा लोगों के बीच जागरूकता पैदा करके गरीबी, भ्रष्टाचार, आतंकवाद, गंदगी और अन्य कई सामाजिक मुद्दों से देश को मुक्त कराना का प्रयास किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि यह कार्यक्रम भारत छोड़ो आंदोलन की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर शुरू की गई एक नई पहल है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने नागरिकों को आंदोलन में शामिल होने और 2022 तक स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों वाला भारत बनाने का एक सामूहिक प्रयास करने का आग्रह किया है।
इस अवसर पर कई मंत्रियों और अधिकारियों ने नये भारत को बनाने की प्रतिज्ञा की है। यह पहल दूसरों को प्रतिज्ञा दिलाती है और नये भारत का एक हिस्सा बनने के लिए प्रोत्साहित करती है, जो मजबूत, समृद्ध और समावेशी है।
आज देश को ऐसे ही आंदोलनों की अति आवश्यकता है, जो सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध लोगों को जागरूक करके नये भारत का निर्माण करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाए।
नये भारत का आंदोलन युवाओं को उनके अनमोल जीवन में कठिनाइयों से लड़ने के लिए भी प्रेरणा देगा।
(डॉ सौरभ मालवीय की पुस्तक- 'विकास के पथ पर भारत' से)


No comments:
Post a Comment