राहुल गाँधी का कांशीराम जी के प्रति अचानक प्रेम दिखाना एक राजनीतिक बयान है।
बहुजन आंदोलन के महान नेता कांशीराम का जीवन और संघर्ष सामाजिक न्याय समाज के उत्थान के लिए समर्पित रहा है। उनके विचारों और कार्यों का सम्मान केवल बयान देने से नहीं बल्कि उनके सिद्धांतों को व्यवहार में लाने से माना जाता है।
नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व वाली सरकार और योगी आदित्यनाथ जी की सरकार में कांशीराम जी के नाम पर योजनाएँ, स्मारक और सम्मान के कार्य हुए, तब विपक्ष की ओर से उतनी सक्रियता नहीं दिखाई गई।
कांशीराम जी जैसे महान सामाजिक नेता का सम्मान राजनीति से ऊपर होना चाहिए।




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