लखनऊ। विद्या भारती, भारती शिक्षा समिति उत्तर प्रदेश की साधारण सभा की बैठक का आयोजन लखनऊ में संपन्न हुआ। इस महत्वपूर्ण बैठक में विभिन्न शैक्षिक, संगठनात्मक एवं भावी योजनाओं पर व्यापक चर्चा की गई।
बैठक में प्रदेश भर से आए पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने भाग लिया तथा शिक्षा के क्षेत्र में भारतीय संस्कृति, संस्कारयुक्त शिक्षा एवं गुणवत्ता वृद्धि के विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर क्षेत्रीय मंत्री डॉ. सौरभ मालवीय ने संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 2027 में विद्या भारती अपनी स्थापना के 75 वर्ष पूर्ण करेगा। इस ऐतिहासिक अवसर को ध्यान में रखते हुए संगठन द्वारा पूरे वर्ष अमृत महोत्सव के रूप में विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि विद्या भारती का लक्ष्य केवल शिक्षा प्रदान करना नहीं, बल्कि समाज में संस्कारयुक्त शिक्षा का प्रसार करना है। इसी उद्देश्य से प्रत्येक गांव में विद्यालय स्थापित करने की दिशा में ठोस प्रयास किए जाएंगे, ताकि देश का हर बालक संस्कार और गुणवत्ता युक्त शिक्षा प्राप्त कर सके। विद्या भारती का उद्देश्य केवल शिक्षा प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में राष्ट्रभाव, चरित्र निर्माण एवं समग्र व्यक्तित्व विकास का निर्माण करना है। उन्होंने आगामी कार्ययोजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने पर बल दिया।
डॉ. मालवीय ने वर्तमान समय की चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि व्यसनमुक्त समाज का निर्माण और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। विद्या भारती इन दोनों विषयों पर समाज में व्यापक जनजागरण अभियान चलाएगी।
उन्होंने सभी प्रधानाचार्यों से आह्वान किया कि वे अपने-अपने विद्यालयों के माध्यम से इन लक्ष्यों को धरातल पर उतारने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
अंत में उन्होंने कहा कि विद्या भारती संस्कारयुक्त, राष्ट्रनिष्ठ और समर्पित पीढ़ी के निर्माण के लिए पूर्णतः कृतसंकल्पित है।
बैठक में संगठन के विस्तार, विद्यालयों की गुणवत्ता उन्नयन तथा नवीन शैक्षिक पहल को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए।










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