बाल वैज्ञानिकों की प्रतिभा, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार ने अतिथियों को किया प्रभावित
चौखड़िया, मैगलगंज (खीरी), 31 अक्टूबर। जन शिक्षा समिति, अवध प्रांत द्वारा श्रीपाल सिंह सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, चौखड़िया, मैगलगंज, खीरी में आयोजित प्रांतीय ज्ञान-विज्ञान मेला एवं संस्कृति महोत्सव का शनिवार को भव्य शुभारंभ हुआ। उत्साह, उमंग और उल्लास से परिपूर्ण वातावरण में आयोजित इस महोत्सव में विद्यार्थियों की वैज्ञानिक प्रतिभा, रचनात्मकता, नवाचार और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति की आकर्षक झलक देखने को मिली।
कार्यक्रम का उद्घाटन विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय मंत्री डॉ. सौरभ मालवीय, कस्ता विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री सौरभ सिंह सोनू तथा जन शिक्षा समिति, अवध प्रांत के अध्यक्ष डॉ. सत्येंद्र बहादुर सिंह ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पार्चन कर संयुक्त रूप से किया।
इस अवसर पर प्रदेश निरीक्षक अवध प्रांत श्री मिथिलेश कुमार अवस्थी, विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री उत्तम कुमार मिश्रा, प्रबंधक श्री राधेश्याम गुप्ता, अध्यक्ष श्री छविनाथ सिंह यादव, कोषाध्यक्ष श्री राम मोहन गुप्ता, श्री शैलेंद्र बाजपेयी एवं संभाग निरीक्षक श्री श्याम मनोहर शुक्ला सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में दोनों विद्यालयों की प्रबंध समितियों के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने सहभागिता की। मैगलगंज से श्री विपिन गुप्ता, श्री पवन गुप्ता, श्री अमित मिश्रा, श्री शेर सिंह राठौड़ एवं श्री महेंद्र सिंह सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। अवध प्रांत के विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्यों की भी गरिमामयी उपस्थिति रही।
इस प्रांतीय आयोजन में जन शिक्षा समिति, पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के लगभग 415 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। उद्घाटन के उपरांत अतिथियों ने विज्ञान प्रदर्शनी, गणित प्रदर्शनी एवं सांस्कृतिक प्रदर्शनी का अवलोकन किया। बाल वैज्ञानिकों द्वारा प्रस्तुत विभिन्न मॉडलों एवं परियोजनाओं की जानकारी लेते हुए अतिथियों ने विद्यार्थियों की वैज्ञानिक जिज्ञासा, तार्किक क्षमता, रचनात्मकता और नवाचार की सराहना की।
मंचीय कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पार्चन के साथ हुआ। कार्यक्रम का कुशल संचालन संभाग निरीक्षक श्री कैलाश चंद्र ने किया तथा अतिथियों एवं उपस्थित गणमान्य जनों का परिचय संभाग निरीक्षक श्री श्याम मनोहर शुक्ला ने कराया।
अपने उद्बोधन में डॉ सौरभ मालवीय ने ज्ञान-विज्ञान, अनुसंधान, नवाचार और भारतीय संस्कृति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों की अंतर्निहित प्रतिभा को निखारने तथा उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने का सशक्त माध्यम हैं। विद्यार्थियों को जिज्ञासु बने रहने, निरंतर अध्ययन करने और अपनी प्रतिभा एवं परिश्रम से नए कीर्तिमान स्थापित करने के लिए प्रेरित किया गया।
प्रांतीय ज्ञान-विज्ञान मेला एवं संस्कृति महोत्सव केवल प्रतिभा प्रदर्शन का मंच नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में वैज्ञानिक चेतना, तार्किक चिंतन, रचनात्मकता और सांस्कृतिक मूल्यों के समन्वय का महत्वपूर्ण प्रयास है। ऐसे आयोजन भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक विज्ञान के बीच सार्थक संवाद स्थापित करते हुए विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करते हैं।
निश्चित रूप से यह महोत्सव प्रतिभागी भैया-बहनों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, एक-दूसरे से सीखने, अनुभव साझा करने और नवाचार की नई संभावनाओं की ओर आगे बढ़ने का उत्कृष्ट अवसर प्रदान करेगा।









No comments:
Post a Comment