फतेहपुर। भारतीय शिक्षा समिति, कानपुर प्रान्त के तत्वावधान में विद्वत परिषद संगोष्ठी का आयोजन सरस्वती विद्या मंदिर, खागा, फतेहपुर में सम्पन्न हुआ। संगोष्ठी में समाज के प्रबुद्धजनों एवं बुद्धिजीवियों ने भारतीय ज्ञान परम्परा, सामाजिक मूल्यों और राष्ट्र निर्माण में विचारों की भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. सौरभ मालवीय ने कहा कि श्रेष्ठ विचार ही सशक्त समाज के निर्माण का आधार हैं। भारतीय ज्ञान परम्परा पर आधारित भारतीय समाज का जीवन दर्शन परोपकार, सेवा, सह-अस्तित्व और लोकमंगल की भावना से प्रेरित है। हमारी परम्परा में ज्ञान का उद्देश्य केवल व्यक्तिगत उन्नति नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करना भी है।
उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान परम्परा के मूल्यों को आत्मसात कर समाज में सकारात्मक विचारों, नैतिकता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत किया जा सकता है। विद्वत परिषद जैसी संगोष्ठियां वैचारिक जागरण के साथ ही भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों के संरक्षण एवं संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कृष्ण स्वरूप सिंह ने की तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में रजनीश पाठक उपस्थित रहे। संगोष्ठी में समाज के अनेक बुद्धिजीवियों एवं प्रबुद्धजनों ने सहभागिता की।









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