Saturday, September 5, 2026

शिक्षक केवल ज्ञान नहीं, जीवन का मार्ग भी दिखाते हैं : डॉ. सौरभ मालवीय











लखनऊ। शिक्षक दिवस के अवसर पर महामना सरस्वती विद्या मंदिर में शिक्षक सम्मान एवं समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. सौरभ मालवीय ने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को विषय का ज्ञान देने का कार्य नहीं करते, बल्कि वे उनके व्यक्तित्व निर्माण, संस्कार और चरित्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि शिक्षा मनुष्य को ज्ञान देती है, जबकि शिक्षक उस ज्ञान को जीवन के उद्देश्य से जोड़ने का कार्य करता है। शिक्षक विद्यार्थियों को कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने, चुनौतियों का सामना करने और समाज एवं राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने की प्रेरणा देता है।
डॉ. मालवीय ने कहा कि आज शिक्षा के क्षेत्र में तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल माध्यमों का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे समय में शिक्षक की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। तकनीक ज्ञान का माध्यम हो सकती है, लेकिन संस्कार, संवेदना, विवेक और जीवन-मूल्यों का निर्माण शिक्षक ही कर सकता है।
उन्होंने कहा कि भारतीय शिक्षा परंपरा में गुरु का स्थान सदैव सर्वोच्च रहा है। हमारी शिक्षा व्यवस्था का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि ऐसे नागरिक तैयार करना होना चाहिए जो ज्ञानवान होने के साथ-साथ संवेदनशील, संस्कारवान और राष्ट्र के प्रति समर्पित हों।
कार्यक्रम में विद्यालय के आचार्यों का सम्मान किया गया। विद्यार्थियों ने शिक्षक दिवस के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए तथा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। विद्यालय परिवार की ओर से शिक्षकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उनके योगदान को सराहा गया।

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