जो स्वयं को जान लेता है, वह संसार को भी सही दृष्टि से देख पाता है और जो स्वयं में स्थित हो जाता है, वही जीवन के यथार्थ को प्राप्त करता है।
लोकतंत्र में विपक्ष को धरना-प्रदर्शन करने और सरकार की नीतियों का विरोध करने का पूरा अधिकार है, लेकिन यह विरोध सदन, संविधान और लोकतांत्रिक मर...
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