Friday, January 22, 2021

नैमिषारण्य धाम




नैमिषारण्य धाम
प्रथम नैमिष पुण्यं , चक्रतीर्थ च पुष्करम।
अन्योषां चैव तिरथानां संख्यां नास्ति महीतले।।
चक्रतीर्थ-:  एक गोलाकार सरोवर है, जिसमें श्रद्धालुजन स्नान व भजन-पूजन करते है। मान्यता है कि यही पर ब्रह्मा जी द्वारा महर्षि शौनक व अन्य ऋषियों को दिए गए चक्र की नेमि भूमि में प्रविष्ठ हुई थी। देवी भागवत, महाभारत, ब्रह्मा एवं स्कंद पुराण आदि में चक्रतीर्थ का उल्लेख है। पांडवों ने अपने कुल सम्बन्धियों की आत्मा की शांति के लिए 12 वर्षों तक तप किया।
सोमवती अमावस्या पर यहां स्नान का विशेष महत्व है।

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