भारत की विदेश नीति स्वतंत्र, संतुलित और राष्ट्रहित पर आधारित है। ऊर्जा सुरक्षा, तेल की उपलब्धता और घरेलू महंगाई को नियंत्रण में रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसलिए भारत वैश्विक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अपने नागरिकों और अर्थव्यवस्था के हित में निर्णय लेता है।
भारत किसी भी देश के दबाव में नहीं बल्कि अपनी आवश्यकताओं, आर्थिक हितों और रणनीतिक संतुलन के आधार पर ऊर्जा तथा तेल की खरीद करता है। विश्व के विभिन्न देशों के साथ सहयोग करते हुए भारत का लक्ष्य है कि देश के नागरिकों को सस्ती ऊर्जा उपलब्ध हो और आर्थिक विकास की गति बनी रहे।
साथ ही भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर शांति, सहयोग और संवाद की नीति को आगे बढ़ाते हुए सभी देशों के साथ संतुलित संबंध बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।


No comments:
Post a Comment