Sunday, May 8, 2016

इस घर को, बिखरने से बचाया जाए

 


"सिर्फ मेरा नहीं, तुम्हारा भी, हम सब का है,
इस घर को, बिखरने से बचाया जाए।"
अंग्रेजी की प्राध्यापिका होने के बावजूद डॉ. अनामिका  हिन्दी साहित्य को समृद्ध करने में महत्वपूर्ण योगदान कर रही है,कहानीकार,उपन्यासकार और समकालीन हिंदी कविता की सर्वाधिक चर्चित कवयित्रियों में अनामिका जाना-पहचाना नाम है,आप को सुनना हम साहित्य प्रेमियों को सुकून देता।  
श्रीमती अलका सिंह की काब्य संग्रह  "बिखरने से बचाया जाए " का लोकार्पण तमाम साहित्य प्रेमियों के मध्य कांस्टीट्ूशन कल्ब -नई दिल्ली में सम्पन्न हुआ।

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