हिंदी साहित्य क्षितिज की ओर निगाह डाला जाये तो जो सिर्फ नाम से ही 'वर' नहीं है बल्कि जीते जी साहित्य के बट वृक्ष बन गए ऐसे साहित्य जगत के प्रतिनिधि आचार्य आदरणीय डॉ.नामवर सिंह के द्वारा कल श्रीमती अलका सिंह की काब्य संग्रह "बिखरने से बचाया जाए " का लोकार्पण तमाम साहित्य प्रेमियों के मध्य कांस्टीट्ूशन कल्ब -नई दिल्ली में सम्पन्न हुआ।


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