Thursday, March 5, 2015
Tuesday, March 3, 2015
Saturday, February 28, 2015
चर्चा
Wednesday, February 11, 2015
आभार
मेरे प्रिय और आत्मीय डॉ. सौरभ मालवीय ने जब मीडिया विमर्श के तत्वावधान में आयोजित पं. बृजलाल द्विवेदी स्मृति अखिल भारतीय साहित्यिक पत्रकारिता सम्मान समारोह (7 फरवरी 2015) में आभार प्रदर्शन किया तो उनके शब्दों पर साहित्य और पत्रकारिता से जुड़े श्रोता भी मुग्ध हो उठे। आभार... शानदार आभार के लिए।
संजय द्विवेदी
Friday, January 16, 2015
अनुकरणीय कार्य
समाज अपने छोटे छोटे प्रयोगों से कितना श्रेष्ठ बन जाता है। इसका एक उदाहरण पुना की सड़कों पे चलते दिखा,२० साल पहले रामबाग मुहल्ले के लोगों ने सार्वजानिक स्थान का चयन किया और अनेक प्रकार के समाचार पत्र /पत्रिकाएं सुबह ७ बजे से रात्रि १० बजे तक मुफ्त में सभी पाठकों के लिए उपलब्ध रहता है। साथ ही कुछ ध्येय वाक्य भी लिखा मिलता और स्वक्षता के लिए कूड़ा पात्र भी रखा गया है। अनुकरणीय कार्य।
देशी क्रांति यज्ञ
7 अक्टूबर 1905 को पुणे शहर में विलायती वस्त्रों के होली दहन का,तेज पुंज राष्ट्र भक्ति का और निष्ठावान जनशक्ति का प्रतिक यह पवित्र स्मारक।
20 वी सदी के आरम्भ में भारत वर्ष पर अंग्रेज शासन का अत्याचारी राज चल रहा था। अंग्रेज शासन की दमनकारी और कुटिल राजनीति के विरोध में सम्पूर्ण भारत में स्वतंत्रता संग्राम की क्रांति ज्वालायें भड़क उठी थी। राष्ट्र भक्ति से ओतप्रोत अनेक क्रांतिवीर भारत माता की सौगंध खाकर उस स्वतंत्रता यज्ञ में सम्मिलित हुए थे। इन्ही में से एक तेजस्वी राष्ट्र भक्त स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर।
Subscribe to:
Posts (Atom)
प्राक्कथन
देश के लोगों के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक विकास के लिए सरकार अनेक योजनाएं चला रही है। हर योजना का उद्देश्य होता है कि उसका लाभ हर व्यक्ति त...
-
डॉ. सौरभ मालवीय स्वामी विवेकानन्द ने भारतीय दर्शन से विश्व को परिचित करवाया। वह ज्ञान का अथाह भंडार थे। उनकी शिक्षाएं अनमोल हैं, तभी तो वह...
-
डॉ. सौरभ मालवीय ‘नारी’ इस शब्द में इतनी ऊर्जा है कि इसका उच्चारण ही मन-मस्तक को झंकृत कर देता है, इसके पर्यायी शब्द स्त्री, भामिनी, कान...
-
डॉ. सौरभ मालवीय किसी भी देश के लिए एक विधान की आवश्यकता होती है। देश के विधान को संविधान कहा जाता है। यह अधिनियमों का संग्रह है। भारत के संव...









