Saturday, August 23, 2014
Thursday, August 21, 2014
Tuesday, August 19, 2014
स्मृति मंदिर
डॉ. हेडगेवार स्मारक समिति, नागपुर
"स्मृति मंदिर"
यहां पर प्रतिष्ठापित पू. डॉ. हेडगेवार की ब्रांझ धातु की प्रतिमा, मुंबई के सुविख्यात शिल्पकार श्री नानासाहेब गोरेमावकर ने बनाई है।
मंदिर के शिखर में कमल पुष्प मे रखे श्रीफल की आकर्षण रचना है।
पू. डांक्टरजी की समाधि पर आठ पंखुड़ियों के कमल पुष्पों में ॐ चिन्ह अंकित है।
मंदिर की कमान, धनुष्याकृति आकार मे तीन धनुष्यों को मिलकर है, उसमें प्रत्येक धनुष्य के सम्मुख बानाग्र तथा शेषनाग की आकृतियाँ है।
Thursday, August 14, 2014
सौरभ मालवीय को विष्णु प्रभाकर शिखर सम्मान
मित्र सौरभ जी को विष्णु प्रभाकर शिखर सम्मान दिए जाने की सूचना मेरे लिए सुखद अनुभूति है। सालों पहले मीडिया सेल में कार्यरत मालवीय जी से रिश्ता पत्रकार-नेता से कब मित्रता में बदली इसका अहसास ही नहीं हो पाया। शायद इसकी वजह बयानबाजी और आरोपों-प्रत्यारोपों की रिपोर्टिंग के बीच विभिन्न विषयों पर उनके साथ गहन चर्चा से मिलने वाला सुकून इसकी वजह रही होगी। विषय की गहरी समझ और चित परिचित मुस्कान किसी को भी सौरवजी का दीवाना बना सकती है। ढेर सारी बधाई सौरभजी
-हिमांशु मिश्रा
Tuesday, August 5, 2014
वाद का सशक्त माध्यम है टीवी
‘सामाजिक संवाद और टीवी पत्रकारिता’ विषय पर आयोजित सत्र में आजतक न्यूज चैनल्स के एंकर सईद अंसारी ने कहा कि अपने आंख और कान खुले रखकर ही आप अच्छे पत्रकार बन सकते हैं। न्यूज चैनल्स में सिर्फ एंकर और रिपोर्टर ही नहीं होते हैं, बल्कि कई और भी मौके हैं। पत्रकारिता में आने से पहले स्वयं का मूल्याकंन करना चाहिए और फिर तय करना चाहिए कि क्या बनना है।
(मंच पर न्यूज-24 के मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ ब्यूरो प्रमुख श्री प्रवीण दुबे)
Monday, August 4, 2014
आज भोपाल में
राम कृपाल सिंह जी पूर्व संपादक नवभारत टाइम्स नई दिल्ली और मेरे अजीज, भारत के लोकप्रिय न्यूज़ एंकर,(आजतक) सईद अंसारी आज भोपाल में
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रुद्राभिषेक संपन्न
ॐ नम: शम्भवाय च मयोभवाय च नम: शंकराय च मयस्कराय च नम: शिवाय च शिवतराय च ॥ श्रावण मास के शुभ अवसर पर मेरे गुरु आदरणीय श्री सौरभ मालवीय जी ए...
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डॉ. सौरभ मालवीय स्वामी विवेकानन्द ने भारतीय दर्शन से विश्व को परिचित करवाया। वह ज्ञान का अथाह भंडार थे। उनकी शिक्षाएं अनमोल हैं, तभी तो वह...
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डॉ. सौरभ मालवीय किसी भी देश के लिए एक विधान की आवश्यकता होती है। देश के विधान को संविधान कहा जाता है। यह अधिनियमों का संग्रह है। भारत के संव...








