Tuesday, November 3, 2026

टीवी पर लाइव





बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर का बयान किसी राजनीतिक दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि एक संत के भाव, आस्था और सामाजिक सरोकारों के रूप में समझा जाना चाहिए। संतों की वाणी में समाज के प्रति चिंता और अपनी सांस्कृतिक मान्यताओं को व्यक्त करने का भाव होता है।

इसे राजनीतिक चश्मे से देखने के बजाय उसके मूल भाव और संदर्भ को समझना चाहिए। किसी बयान के एक अंश को लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा करना उचित नहीं है।

No comments:

Post a Comment

टीवी पर लाइव

प्रधानमंत्री पद की गरिमा और संसदीय परंपराओं को समझना आवश्यक है। राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सार्वजनिक बहस की चुनौती देना...