उत्तर प्रदेश कृषि प्रधान राज्य है। यहां की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार कृषि ही है। इसलिए राज्य सरकार कृषि पर विशेष ध्यान दे रही है। कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए सरकार ने किसान उदय योजना शुरू की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व प्रधानमंत्री, चौधरी चरण सिंह के जन्मदिन 23 दिसंबर, 2017 को बागपत में इसका शुभारंभ किया। इस योजना के अंतर्गत राज्य सरकार वित्तीय वर्ष 2022 तक किसानों को 10 लाख पंप उपलब्ध कराएगी। इस योजना के पहले चरण में गाजीपुर, गोरखपुर, वाराणसी, अम्बेडकर नगर, मथुरा और अलीगढ़ जिलों के किसान को लाबान्वित किया जाएगा।
इस योजना के अंतर्गत किसानों को विभिन्न क्षमताओं के कुशल ऊर्जा पंप सेट प्रदान किए जाएंगे। इस योजना से ऊर्जा की बचत होगी और “सभी के लिए पावर” के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायता मिलेगी। इस योजना से पारंपरिक बिजली पंपों पर किसानों की निर्भरता कम होगी, जो 35 प्रतिशत अधिक ऊर्जा का इस्तेमाल करते हैं।
राज्य सरकार दो प्रकार के ऊर्जा पम्प सेट प्रदान करेगी. ये 5 हॊर्स और 7.5 हॊर्स पावर के होंगे। इनके साथ ही किसानों को स्मार्ट किट भी उपलब्ध कराई जाएगी। इसकी सहायता से किसान अपने मोबाइल फोन से पम्प को चालू कर सकते हैं और इसी से बंद भी कर सकते हैं। पम्प सेट के रखरखाव का खर्च सरकार स्वयं वहन करेगी।
उल्लेखनीय यह भी है कि इस योजना का लाभ उन्हीं किसानों को मिलेगा, जो उत्तर प्रदेश के निवासी हैं। केवल किसान ही पम्प के लिए आवेदन कर सकते हैं। उन्हें किसानों को इस योजना का लाभ मिलेगा, जिनके पास पहले से पम्प नहीं हैं. जिनके पास पहले से पम्प हैं, वे किसान इसका लाभ नहीं ले सकते।
इस योजना से कृषि क्षेत्र में लागत को कम किया जा सकेगा और किसानों की आय में वृद्धि होगी।
(डॉ सौरभ मालवीय की पुस्तक- 'विकास के पथ पर भारत' से)


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