Thursday, January 22, 2026

बैठक




नैतिक एवं आध्यात्मिक शिक्षा की क्षेत्रीय बैठक - लखनऊ
सत्यनिष्ठा – सत्य बोलना और सत्य के मार्ग पर चलना।
ईमानदारी – विचार, वाणी और कर्म में पवित्रता रखना।
कर्तव्यबोध – अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करना।
अनुशासन – नियमों का पालन और आत्मसंयम।
सम्मान की भावना – माता-पिता, गुरु, बड़ों और समाज के प्रति आदर।
करुणा और सहानुभूति – दूसरों के दुःख को समझना और सहायता करना।
न्यायप्रियता – सही और गलत में भेद कर न्याय का साथ देना।
सामाजिक जिम्मेदारी – समाज और राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व।
आत्मचिंतन – स्वयं को जानने और सुधारने की भावना।
ईश्वर में आस्था – परम सत्ता पर विश्वास और श्रद्धा।
सेवा भाव – निःस्वार्थ सेवा को जीवन का उद्देश्य बनाना।
संयम और त्याग – भोग-विलास पर नियंत्रण।
शांति और संतुलन – मानसिक शांति एवं आत्मिक संतुलन।
सहिष्णुता – सभी मतों और विचारों का सम्मान।
ध्यान और साधना – मन की एकाग्रता और आत्मविकास।
लोकमंगल की भावना – संपूर्ण मानवता के कल्याण का चिंतन।
इस शिक्षा से चरित्र निर्माण, समाज की सुदृढ़ता और जीवन को सार्थक दिशा देने में सहायक होते हैं।

No comments:

Post a Comment

बैठक

नैतिक एवं आध्यात्मिक शिक्षा की क्षेत्रीय बैठक - लखनऊ सत्यनिष्ठा – सत्य बोलना और सत्य के मार्ग पर चलना। ईमानदारी – विचार, वाणी और कर्म में पव...