राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अलोक में "भारतीय ज्ञान परम्परा और हैप्पीनेस कार्यक्रम" विषयक कार्यशाला इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्विद्यालय, क्षेत्रीय केन्द्र- लखनऊ द्वारा किया गया। वक्ता के रूप में सहभागिता का अवसर.
Tuesday, November 22, 2022
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
आया बैसाखी का पावन पर्व
डॊं. सौरभ मालवीय बैसाखी ऋतु आधारित पर्व है. बैसाखी को वैसाखी भी कहा जाता है. पंजाबी में इसे विसाखी कहते हैं. बैसाखी कृषि आधारित पर्व है....
-
डॉ. सौरभ मालवीय ‘नारी’ इस शब्द में इतनी ऊर्जा है कि इसका उच्चारण ही मन-मस्तक को झंकृत कर देता है, इसके पर्यायी शब्द स्त्री, भामिनी, कान...
-
डॉ. सौरभ मालवीय किसी भी देश के लिए एक विधान की आवश्यकता होती है। देश के विधान को संविधान कहा जाता है। यह अधिनियमों का संग्रह है। भारत के संव...
-
डॉ. सौरभ मालवीय मनुष्य जिस तीव्र गति से उन्नति कर रहा है, उसी गति से उसके संबंध पीछे छूटते जा रहे हैं. भौतिक सुख-सुविधाओं की बढ़ती इच्छाओं क...







No comments:
Post a Comment