समझना- सीखना -करना- जीना..और उसे परम्परा में बनाये रखना.
शिक्षा का उद्देश्य यही है प्रसन्न रहें और दूसरों के आनन्द में सहयोगी बनें.
अनुभूति पाठ्यचर्या
आदरणीय बड़े भाई एवं शुभेच्छु डॉ. सौरभ मालवीय जी (क्षेत्रीय मंत्री, विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश एवं प्रोफेसर, लखनऊ विश्वविद्यालय) का कल ...
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