Friday, January 22, 2021

नैमिषारण्य धाम




नैमिषारण्य धाम
प्रथम नैमिष पुण्यं , चक्रतीर्थ च पुष्करम।
अन्योषां चैव तिरथानां संख्यां नास्ति महीतले।।
चक्रतीर्थ-:  एक गोलाकार सरोवर है, जिसमें श्रद्धालुजन स्नान व भजन-पूजन करते है। मान्यता है कि यही पर ब्रह्मा जी द्वारा महर्षि शौनक व अन्य ऋषियों को दिए गए चक्र की नेमि भूमि में प्रविष्ठ हुई थी। देवी भागवत, महाभारत, ब्रह्मा एवं स्कंद पुराण आदि में चक्रतीर्थ का उल्लेख है। पांडवों ने अपने कुल सम्बन्धियों की आत्मा की शांति के लिए 12 वर्षों तक तप किया।
सोमवती अमावस्या पर यहां स्नान का विशेष महत्व है।

Wednesday, January 6, 2021

विकास के पथ पर भारत


देश के विकास में केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही अनेकों लोककल्याणकारी योजनाएँ हैं, जिन योजनाओं से प्राय: लोग अनभिज्ञ रहते हैं और उन योजनाओं का लाभ लेने से वंचित रह जाते हैं। देश के गरीबों, युवाओं, वृद्धों, महिला- कन्या, वनवासी आदि समुदाय के विकास के लिए विभिन्न योजनाएंँ  चल रही हैं। समाज को सरकारी योजनाओं की बेहतर जानकारी मिले इसी सामाजिक सेवा भाव से गुरूदेव Sourabh Malviya जी ने "विकास के पथ पर भारत" पुस्तक का लेखन किया।। इस किताब में विकास के 34 योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है, जिसे सभी को पढना चाहिए। मैं बहुत सौभाग्यशाली हूँ कि मुझे यह पुस्तक स्वयं लेखक और देश के प्रतिष्ठित वरिष्ठ पत्रकार मीडिया गुरू डॉ. सौरभ मालवीय सर ने आशीर्वाद स्वरूप दिया, गुरुदेव का सान्निध्य ऐसे ही मिलता रहे।
-नितुल तिवारी आजाद 

Monday, January 4, 2021

हार्दिक बधाई


हार्दिक बधाई
राष्ट्रवादी विचार के प्रखर प्रहरी, बौद्धिक योद्धा प्रो. अरुण भगत जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं

Saturday, January 2, 2021

पूज्य बाबा का सानिध्य


चित्र में सबसे छोटा बालक जो है उसका नाम डॉ.सौरभ मालवीय है. पूज्य बाबा का सानिध्य.
 सोहगरा धाम

बधाई एवं शुभकामनाएं


भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश के महामंत्री आदरणीय श्री अमरपाल मौर्य जी भाईसाहब को अवध क्षेत्र का प्रभारी बनाएं जाने की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
प्रीतेश दीक्षित

Friday, January 1, 2021

पुस्तक भेंट


उप मुख्यमंत्री मंत्री श्री ब्रजेश पाठक जी से मुलाकात.
इस अवसर पर उन्हें अपनी पुस्तक 'विकास के पथ पर भारत' भेंट की.
लखनऊ

भारतीय संस्कृति में पर्यावरण का महत्व

डॊ. सौरभ मालवीय भारतीय संस्कृति में प्रकृति को महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। इसी कारण भारत में प्रकृति के विभिन्न अंगों को देवता तुल्य ...