Saturday, January 18, 2020

राष्ट्रीय परिसंवाद


राष्ट्रवाद का मूल संस्कृति है। राष्ट्रवाद का आधार हमारी युगों पुरानी संस्कृति है यह प्राचीन अवधारणा है। भारत की संस्कृति भारत की धरती की उपज है। उससे राष्ट्र जीवन प्रेरित हुआ है। भरतीय संस्कृती की नींव गंगा, गीता, गायत्री, गौ, तुलसी पर खड़ी है। उसकी एकता, एकात्मता, विशालता और समन्वय इस मिट्टी की खुशबू है।
आइये इसे समझने का प्रयास करे।

No comments:

Post a Comment

प्राक्कथन

देश के लोगों के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक विकास के लिए सरकार अनेक योजनाएं चला रही है। हर योजना का उद्देश्य होता है कि उसका लाभ हर व्यक्ति त...