Saturday, May 6, 2017

माटी प्रेम



इस नीम के पेड़ को मेरे बाबा लगाये थे। गर्मी में सहज ही चौपाल यहां जमती है, सर्दी में सुबह -शाम आग का जालावा होता है। हर वक्त 10,20 लोग देश-दुनियां की चर्चा में घंटो बीता देते। रेडियों समाचार की समीक्षा भी हो जाती है इनदिनों अख़बार उपलब्ध है तो खबरें जीवन्त हो जाती। 
चित्र में सुरेश बाबा है अपनी आयु के 80 साल पूर्ण कर लिए पूरी तरह से स्वस्थ है बाबा के जन्म के बाद मुल्क आजाद हुआ इनको मोदी जी से बड़ी उम्मीद है , मेरे गाँव में लगभग हर घर भगवा घर है। राष्ट्रवाद इस गांव के वातावरण में है। मैं भाग्यशाली हूँ पटनेजी गांव में मेरा जन्म हुआ। बौद्धिक आयोजन यहां की परम्परा है । तीन दिन हूँ आप के वास्ते परंपराओं से जुड़ी बातें प्रस्तुत करता रहूँगा।

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