Sunday, March 19, 2017

चलता हूँ कर्मस्थली


चलता हूँ कर्मस्थली
होली अवकाश पर इस बार लखनऊ में एक सप्ताह रहा।
राजनीति की, रंग-गुलाल का आनंद रहा।
सृष्टि और श्रीन्द्र को मेरे आने का इंतज़ार रहता और मैं जाऊंगा यह उनको स्वीकार नहीं।
सुमन मालवीय का आभार। कर्मपथ पर निरंतर चलने की प्रेरणा। 
मिलते है कल नोएडा नमस्कार

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