मेरा सौभाग्य रहा है कि छात्र जीवन से ही राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ में कार्यदायित्व और अनेक वरिष्ठ प्रचारक का मार्गदर्शन मिलता रहा है। ऐसे ही मेरे आदरणीय श्रीमान अशोक जी बेरी आज भोपाल में। सुखद क्षण।
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प्राक्कथन
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