Wednesday, March 18, 2026

उत्तर प्रदेश सरकार के नौ वर्ष


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व व मार्गदर्शन में प्रदेशवासियों को अपने अतीत की विरासत एवं विकास के साथ गौरवपूर्ण तरीके से आगे बढ़ने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। डबल इंजन सरकार ने प्रदेश को नई पहचान दिलाई है। हम सभी इस पहचान पर गौरव की अनुभूति कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश सुरक्षा, सुशासन और समृद्धि का नया मॉडल बनने की दिशा में अग्रसर हुआ है। प्रदेश में टेक्नोलॉजी, ट्रांसपेरेंसी एंड ट्रांसफॉर्मेशन की अवधारणा पर कार्य किया जा रहा है। यह ‘ट्रिपल-टी’ ही ट्रस्ट का कारण है।

मुख्यमंत्री 18 मार्च 2026 को लखनऊ स्थित लोकभवन में उत्तर प्रदेश सरकार के नवनिर्माण के नौ वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मीडिया प्रतिनिधियों को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने वार्षिक पुस्तक ‘नवनिर्माण के नौ वर्ष’ का विमोचन किया। इसके  पूर्व, मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की सीमाओं पर बनाए गये नौ थीमैटिक स्वागत द्वारों का बटन दबाकर लोकार्पण किया। इस अवसर पर लघु फिल्म ‘गेट्स ऑफ न्यू उत्तर प्रदेश’ और ‘नवनिर्माण के नौ वर्ष’ प्रदर्शित की गईं। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत नौ वर्षों में डबल इंजन सरकार के  प्रयासों से प्रदेश में सुरक्षा, इन्फ्रास्ट्रक्चर, निवेश, रोजगार, कल्याणकारी योजनाओं आदि क्षेत्रों में सकारात्मक परिवर्तन हुए हैं। प्रदेश सरकार द्वारा किसान, महिला, गरीब, दलित तथा वंचितों के उत्थान के लिए अनेक कदम उठाए गये हैं। राज्य सरकार ने आस्था को सम्मान देने के साथ-साथ सुशासन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला कल्याण, पर्यावरण सहित अन्य विविध क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किए हैं, जिसके परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश को नई पहचान मिली है।

उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार जो कुछ करने में सफल हुई है, यह प्रधानमंत्री जी के विजनरी नेतृत्व एवं मार्गदर्शन तथा जनता-जनार्दन द्वारा दिए गये सहयोग का प्रतिफल है। परिवर्तन तब आता है, जब टीमवर्क के  साथ कार्य होता है। 25 करोड़ की आबादी प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में एक स्वर में आगे बढ़ रही है और उनके  संकल्पों को साकार कर रही है। आज उत्तर प्रदेश इन परिणामों का साक्षी बन रहा है।

उन्होंने कहा कि शारदीय नवरात्रि के प्रारंभ से अगले नौ दिनों तक प्रदेश सरकार के नौ अलग-अलग थीमों पर आधारित अनेक कार्यक्रम प्रदेश में आयोजित किये जाएंगे। विगत नौ वर्षों की यात्रा के उपरान्त आगे के विजन पर चर्चा-परिचर्चा की जाएगी। चर्चा-परिचर्चा के मंथन से निकलने वाले अमृत से उत्तर प्रदेश की आगामी कार्य योजना पर कार्य किया जाएगा। यह वर्ष 2029-30 में प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाने की दिशा में किए जाने वाले प्रयासों का हिस्सा है। इन सभी विषयों को लेकर नौ दिनों तक अनवरत चलने वाले कार्यक्रम में अन्नदाता किसानों, कारीगरों, श्रमिकों, महिलाओं, गरीबों तथा विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों के युवाओं सहित समाज के सभी वर्गों द्वारा प्रतिभाग कर चर्चा-परिचर्चा की जाएगी। इस दौरान जिन लोगों को योजनाओं का लाभ मिला है, उस पर चर्चा करें तथा जिन्हें नहीं प्राप्त हुआ है, उन तक यह लाभ पहुंचाने के लिए अपना हाथ आगे बढ़ाएंगे। वर्ष 2017 से पूर्व प्रदेश बॉटलनेक स्थिति में था। प्रदेश के युवाओं के सामने पहचान का संकट था। उनके जीवन के साथ खिलवाड़ होता था। सरकारी भर्तियां पारदर्शी ढंग से सम्पन्न नहीं होती थी। हताश और निराश युवा या तो पलायन करता था, या अपनी पहचान के लिए स्वयं को कोसने के लिए मजबूर था। अनलिमिटेड पोटेंशियल वाला प्रदेश अपनी पहचान का मोहताज था। दुनिया की सबसे उर्वरा भूमि व सर्वाधिक जल संसाधन वाले प्रदेश के अन्नदाता किसान आत्महत्या करने के लिए मजबूर थे। कारीगर उद्यमी बनने के बजाय श्रमिक बनकर प्रदेश से पलायन कर रहे थे। बेटी-व्यापारी असुरक्षित थे। प्रदेश के  विकास के लिए कोई विजन नहीं था।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश के विकास के लिए एक अप्रैल से प्रारंभ होने वाले नये वित्तीय वर्ष के लिए नौ लाख 12 हजार करोड़ रुपये के बजट की व्यवस्था की है। कल से चैत्र नवरात्रि प्रारंभ हो रही है। यह रमजान का महीना भी है, परसो अलविदा की नमाज होगी तथा 20 या 21 मार्च को ईद भी हो सकती है। प्रदेश में शालीनता के साथ समस्त पर्व व त्यौहार मनाए जा रहे हैं। कहीं कोई हलचल, तनाव, अराजकता, अव्यवस्था, दंगा तथा कफ्र्यू का भय नहीं है। यही सुरक्षा का एहसास है। लोगों में अपने-अपने पर्व मनाने के लिए उमंग और उत्साह है। चैत्र नवरात्रि के अवसर पर हम सब जगत-जननी माँ भगवती की उपासना के साथ जुड़ेंगे। प्रदेश में सुरक्षा के बेहतर वातावरण के परिणामस्वरूप नववर्ष या किसी आयोजन के उपलक्ष्य में लोग मंदिरों या अन्य धार्मिक स्थलों पर जाते हैं। यह उत्तर प्रदेश में नया परिवर्तन देखने को मिला है, जो सुरक्षा के बेहतर वातावरण के  कारण सम्भव हो पाया है।

उन्होंने कहा कि विगत नौ वर्षों में प्रदेश सरकार द्वारा नौ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की गई है। इसमें दो लाख 19 हजार पुलिस भर्ती सम्मिलित है। वर्ष 2017 में प्रदेश में केवल तीन हजार पुलिस ट्रेनिंग की क्षमता थी। प्रदेश सरकार के प्रयासों के परिणामस्वरूप अब 60,244 पुलिसकर्मियों की ट्रेनिंग प्रदेश के ही ट्रेनिंग सेंटर्स में एक साथ कराई जा रही है, जिसमें 20 प्रतिशत बेटियां सम्मिलित हैं। अब हमें मिलिट्री, पैरा-मिलिट्री तथा अन्य राज्यों के ट्रेनिंग सेंटर नहीं लेने पड़ रहे। नवरात्रि के तत्काल बाद यह सभी पुलिसकर्मी फील्ड में आकर प्रदेश की सुरक्षा को और सुदृढ़ करने में अपना योगदान देंगे। विभिन्न भर्ती बोर्ड एवं आयोगों द्वारा शुचिता एवं पारदर्शिता के साथ परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं। पहले उन पर भ्रष्टाचार के अनेक आरोप लगते थे। प्रदेश सरकार ने पुलिस में रिफॉर्म कर आधुनिक बनाने का कार्य किया। पुलिस ने सुरक्षा का वातावरण दिया। एफएसएल लैब्स बनाई गयीं और उत्तर प्रदेश स्टेट ऑफ  फॉरेंसिक साइंसेज का निर्माण कराया गया। पीएसी की मृतप्राय 34 वाहिनियों को पुनर्जीवित करने के साथ पहली बार वीरांगना ऊदा देवी, वीरांगना झलकारी बाई तथा वीरांगना अवन्तीबाई के नाम पर तीन महिला पीएसी बटालियन का गठन किया गया। इन तीनों बटालियनों पर इन वीरांगनाओं की प्रतिमाएं भी स्थापित कराई जा रही है। सात जनपदों में पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम लागू किया गया। आज प्रदेश में फारेंसिक लैब्स, फारेंसिक इंस्टीट्यूट, स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स, एसडीआरएफ है। वर्तमान की चुनौतियों के दृष्टिगत प्रत्येक जनपद में एक साइबर थाना तथा प्रत्येक थानों में एक साइबर हेल्प डेस्क है। यह सभी पुलिस रिफॉर्म का हिस्सा हैं।

उन्होंने कहा कि विगत दिनों सिंगापुर और जापान की यात्रा के दौरान वहां के उद्यमियों तथा निवेशकों ने स्वीकार किया कि ‘जीरो टॉलरेंस’ और ‘जीरो करप्शन’ की नीति के कारण हर कोई उत्तर प्रदेश में निवेश करना चाहते हैं। वर्ष 2017 से पूर्व, प्रदेश का इन्फ्रास्ट्रक्चर तथा सड़क ठीक नहीं थीं। यहां सड़क में गड्ढ़ा है या गड्ढे में सड़क है या खेत इसका पता नहीं लगता था। आज देश का 55 प्रतिशत एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश में है। गंगा एक्सप्रेस-वे के पूर्ण होने के उपरान्त यह शेयर च छह प्रतिशत हो जाएगा। प्रदेश में इंटरस्टेट तथा इंटरनेशनल कनेक्टिविटी निरन्तर बेहतर हो रही है। मैत्री द्वार भी बनाए गये हैं। प्रत्येक जनपद मुख्यालय को 4-लेन तथा प्रत्येक ब्लॉक व तहसील को 2-लेन कनेक्टिविटी के साथ जोड़ा जा रहा है। देश का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क उत्तर प्रदेश में है। यहां सर्वाधिक सात सिटी-लखनऊ, कानपुर, आगरा, गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और मेरठ में मेट्रो का संचालन किया जा रहा है। देश की पहली रैपिड रेल दिल्ली मेरठ के बीच में प्रारंभ हो चुकी है। उत्तर प्रदेश में देश का पहला इनलैंड वाटर-वे वाराणसी से हल्दिया संचालित है। वाराणसी में रोप-वे का भी निर्माण हो रहा है। प्रदेश में एयर कनेक्टिविटी के लिए 16 डोमेस्टिक एयरपोर्ट एवं चार इंटरनेशनल एयरपोर्ट संचालित हैं। देश का सबसे बड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और प्रदेश का पांचवां इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर में शीघ्र ही प्रारंभ होने वाला है। इसके उद्घाटन के लिए 28 मार्च को प्रधानमंत्री जी को आमंत्रित किया गया है। इसके प्रारंभ होने से एक लाख करोड़ रुपये की इनकम आएगी, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पूर्व यहां कोई इन्वेस्टर नहीं आता था, क्योंकि इन्वेस्टमेंट के लिए सुरक्षा का बेहतर माहौल, पॉलिसी, लैंड बैंक तथा सरकार की स्पष्ट नीयत होनी चाहिए। वर्ष 1947 से वर्ष 2017 तक प्रदेश में मुश्किल से 14 हजार उद्योग थे। आज यहां 31 हजार बड़े उद्योग लग चुके हैं। इन 31 हजार से अधिक बड़े उद्योगों में 65 लाख से अधिक लोग कार्य कर रहे हैं। 96 लाख एमएसएमई यूनिट्स में तीन करोड़ 11 लाख से अधिक लोग कार्य कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश में पहले लोग नोएडा को अभिशप्त मानते थे, आज नोएडा, ग्रेटर नोएडा विकास के  पथ पर तेजी से अग्रसर होकर देश के विकास में योगदान दे रहा है। प्रदेश में 55 प्रतिशत मोबाइल की मैन्युफैक्चरिंग व 60 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक कम्पोनेंट का निर्माण हो रहा है। इन्वेस्टमेंट तब आता है जब सरकार की नीयत अच्छी होती है। उत्तर प्रदेश निवेश का बेहतरीन गंतव्य बनकर उभरा है। जापान, सिंगापुर तथा जर्मनी से बड़े पैमाने पर निवेशक प्रदेश में निवेश के लिए आने वाले हैं। अभी से उनके पत्र आने प्रारंभ हो गए हैं। इस उद्देश्य से सरकार ने काम करना प्रारंभ कर दिया है।

उन्होंने कहा कि पहले जिस प्रदेश में कोई निवेशक नहीं आता था, वहां अब तक 15 लाख करोड़ रुपये निवेश की ग्राउंड ब्रेकिंग हुई है। छह लाख करोड़ रुपये का निवेश ग्राउंड ब्रेकिंग के लिए तैयार है। हम लोग उस दिशा में आगे बढ़ चुके हैं। आज प्रदेश के प्रत्येक जनपद में निवेश हो रहा है। हमारे पास पर्याप्त लैंड बैंक, 34 सेक्टोरल पॉलिसीज, निवेश मित्र व निवेश सारथी ऐप हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने अपना पहला निर्णय अन्नदाता किसानों के लिए लिया था। वह निर्णय अन्नदाता किसानों की फसल ऋण माफी से संबंधित था। फसल ऋण माफी से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि तक की इस यात्रा में एग्रीकल्चर के क्षेत्र में प्रदेश की ग्रोथ रेट साढ़े आठ प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत हो गई है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश कृषि विकास के मामले में सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाला राज्य है। अब हमारा अन्नदाता किसान आत्महत्या नहीं करता है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2012 से वर्ष 2017 के बीच कुल 95 हजार करोड़ रुपये के गन्ना मूल्य का भुगतान हुआ है। वर्ष 2017 से अब तक कुल नौ वर्षों में 3,16,800 करोड़ रुपये के गन्ना मूल्य का भुगतान अन्नदाता किसान को किया है। यह परिवर्तन है। वर्ष 2017 में गन्ना किसानों को गन्ने का प्रति क्विंटल दाम 300 रुपये प्राप्त होता था। अब उन्हें 400 रुपये प्रति क्विंटल गन्ने का दाम उपलब्ध कराया जा रहा है। घटतौली बन्द तथा पर्ची की समस्या का समाधान हो चुका है। किसानों से सीधे प्रोक्योरमेण्ट हो रहा है। धान, गेहूं, सरसों, तिलहन, दलहन, बाजरा, मिलेट, मक्का आदि की खरीद सरकारी क्रय केंद्र में हो रही है। सरकार मिनिमम सपोर्ट प्राइस तय करती है। मार्केट में ज्यादा दाम मिले, अच्छी बात है, लेकिन सरकार किसानों के उत्पाद को कम दाम में नहीं बिकने देगी।

उन्होंने कहा कि पहले मंडी शुल्क ढाई से तीन प्रतिशत लिया जाता था। आज एक प्रतिशत मंडी शुल्क लिया जा रहा है। यह सभी कदम अन्नदाता किसानों को राहत प्रदान करने के लिए उठाए गये हैं। किसान सम्मान निधि के  माध्यम से 99 हजार करोड़ रुपये अन्नदाता किसानों के खातों में भेजे गए हैं। प्रदेश सरकार ने अन्नदाता किसानों को उत्पादक की श्रेणी में लाकर खुशहाल बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। अब हमारा किसान तीन-तीन फसल उपजा रहा है। सिंचाई की सुविधा बढ़ी है। प्रदेश में 56 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में सिंचाई की अतिरिक्त सुविधा बढ़ी है। सरकार प्राइवेट ट्यूबवेलों को निःशुल्क बिजली की सुविधा दे रही है। वर्तमान में डीजल से संचालित 23 लाख ट्यूबवेलों के लिए सोलर पैनल की उपलब्धता हेतु इस बार के बजट में प्रावधान की गई है।

उन्होंने कहा कि विगत नौ वर्षों में महिलाओं के कल्याण के लिए प्रदेश सरकार द्वारा अनेक कार्य किए गये हैं। प्रदेश में की गई नौ लाख से अधिक भर्तियों में एक लाख 75 हजार से अधिक बेटियां सम्मिलित हैं। एक करोड़ 10 लाख से अधिक महिला स्वयंसेवी समूहों में महिलाएं आजीविका दीदी के रूप में उद्यमी बनकर काम कर रही हैं। इस वर्ष के बजट में महिला उद्यमी स्कीम के अंतर्गत अलग से धनराशि की व्यवस्था की गई है। प्रदेश में ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान कुशलतापूर्वक संचालित हो रहा है। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के अंतर्गत बेटी के जन्म लेने से लेकर स्नातक तक की शिक्षा हेतु 25 हजार रुपये तथा मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत बेटियों के विवाह के लिए एक लाख रुपये की सहायता दी जा रही है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत अब तक पांच लाख से अधिक बेटियों का विवाह सम्पन्न कराया जा चुका है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार एक करोड़ छह लाख से अधिक परिवारों की निराश्रित महिलाओं, वृद्धजन तथा दिव्यांगजन को 12 हजार रुपये वार्षिक पेंशन की सुविधा उपलब्ध करा रही है। इस धनराशि में वृद्धि हेतु कैबिनेट बहुत शीघ्र निर्णय लेने जा रही है, जिससे उनके कल्याण के लिए और भी अच्छा काम हो सके। सरकार ने तय किया है कि स्नातक और परास्नातक में मेधावी बेटियों को स्कूटी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे उनको और अधिक पढ़ने व आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त होगा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की बेटियों की सुरक्षा के साथ-साथ उनके सम्मान और स्वावलम्बन के लिए मिशन शक्ति का कार्यक्रम पूरे प्रदेश में सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है। प्रदेश के प्रतिभावान युवाओं को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें रोजगार और स्वरोजगार से भी जोड़ा जा रहा है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के अंतर्गत अब तक एक लाख 30 हजार से अधिक नए उद्यमी उपलब्ध कराए गये हैं। वर्तमान में दो करोड़ से अधिक युवाओं के लिए टैबलेट की स्कीम चल रही है, जिनमें 50 लाख युवाओं को टैबलेट उपलब्ध कराए जा चुके हैं। शेष युवाओं को टैबलेट उपलब्ध कराने का कार्यक्रम तेजी से आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में गरीब कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से 15 करोड़ लोग निःशुल्क राशन की सुविधा का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। आज प्रदेश में गरीब का बच्चा भी वर्ल्ड क्लास इन्फ्रास्ट्रक्चर से युक्त विद्यालयों में पढ़ सकता है। अटल आवासीय विद्यालय उसके मॉडल हैं। इस प्रकार का मॉडल प्रत्येक जनपद में सीएम कम्पोजिट विद्यालय के माध्यम से लागू करने का कार्य चल रहा है। गत वर्ष पहले चरण में प्रत्येक जनपद में दो-दो विद्यालय स्थापित किए गये थे। दो-दो विद्यालय इस वर्ष भी स्थापित किए जाएंगे। प्रदेश में आयुष्मान भारत जैसी योजनाएं प्रत्येक तबके तक बिना भेदभाव पहुंच रही हैं। प्रदेश की मुसहर, वन टांगिया, चेरो, गोंड, थारू, सहरिया, बुक्सा आदि जनजातियों को शत-प्रतिशत सेचुरेशन के लक्ष्य तक पहुंचाया गया है। आज उनको जमीन के पट्टे, आवास, हर घर नल, बिजली, राशन कार्ड, स्वास्थ्य आदि योजनाओं का लाभ मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में सुशासन का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हुआ है। आज उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा परिषद में एक करोड़ 60 लाख से अधिक बच्चे पढ़ रहे हैं। प्रदेश सरकार उन्हें यूनिफार्म, बैग, बुक्स, शूज, सॉक्स, स्वेटर आदि उपलब्ध करा रही है। हमारे जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने मिलकर के एक लाख 36 हजार से अधिक विद्यालयों को ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से संसाधनयुक्त किया है। पहले यह मान्यता थी कि प्रदेश में ड्रॉप आउट का कारण स्कूलों का दूर होना था, जिससे बालिकाएं स्कूल नहीं जाती थीं। इससे संबंधित सम्पूर्ण डाटा एकत्रित करने के बाद हम लोग इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि ड्रॉप आउट का मूल कारण उन विद्यालयों में बालक-बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालयों तथा शुद्ध पेयजल का अभाव है। आज बालक-बालिकाओं के लिए पृथक शौचालयों का निर्माण तथा शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। इसके  माध्यम से हम ड्रॉप आउट रेट को शून्य तक पहुंचाने में सफल हुए हैं। यह आंकड़े बताते हैं कि उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य व शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व सुधार हुए हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्रोजेक्ट अलंकार के माध्यम से माध्यमिक शिक्षा के विद्यालयों का पुनरुद्धार कर रही है। प्रदेश में पहली बार संस्कृत पढ़ने वाले बच्चों, चाहे वह पूर्वा, आचार्य या कक्षा छह में पढ़ने वाले गों, के लिए
स्कॉलरशिप की व्यवस्था लागू की गई है। उनकी लॉजिंग-फूडिंग के लिए एक नई स्कीम के साथ हम आगे बढ़ने जा रहे हैं। जिससे वह संस्कृत के माध्यम से समृद्धि के मार्ग पर प्रदेश को आगे बढ़ा सकें।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट’ और ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज’ की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। गोरखपुर व रायबरेली में एम्स संचालित हो चुके हैं। काशी में बीएचयू में वर्ल्ड क्लास कैंसर इंस्टिट्यूट बन चुका है, जिससे लाख़ों लोग लाभान्वित हो रहे हैं। प्रदेश में लगभग छह करोड़ गोल्डन कार्ड जारी हो चुके हैं। प्रत्येक पीएचसी पर प्रत्येक रविवार को आरोग्य मेले का आयोजन किया जा रहा है। प्रदेश से इंसेफेलाइटिस की बीमारी पूरी तरह समाप्त हो चुकी है। वेक्टरजनित बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण किया गया है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में विगत नौ वर्षों में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अनेक कार्य किए गये हैं। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में बड़ी संख्या में अवसंरचनात्मक कार्यों के साथ-साथ ग्रीनलैंड बढ़ाने में सफलता प्राप्त हुई है। उत्तर प्रदेश देश में अधिकाधिक वृक्षारोपण के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा है। प्रदेश के सेवा क्षेत्र में में अनेक कार्य हुए हैं। 156 करोड़ टूरिस्ट और श्रद्धालु गत वर्ष उत्तर प्रदेश के विभिन्न धार्मिक स्थलों और पर्यटन केंद्रों में आए हैं। वर्ष 2017 के  पहले यह संख्या लाखों में हुआ करती थी। आज यह करोड़ों में पहुंच गई है। यह केवल पर्यटक नहीं है, बल्कि यह ष्ट्र को जोड़ने के सेतु हैं। प्रदेश के बारे में परसेप्शन को बदलने वाले और रोजगार की नई सम्भावनाओं को आगे बढ़ाने वाले हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में नई संभावनाएं बढ़ी हैं । यहां लोग समृद्धि के पथ पर आगे बढ़ रहे हैं। प्रयागराज महाकुम्भ-2025 समरसता का महाकुम्भ बना है। करोड़ों सनातन धर्मावलम्बियों ने त्रिवेणी के पावन संगम में डुबकी लगाकर पुण्य प्राप्त किया। अयोध्या हमारी आस्था है, क्योंकि अयोध्या ने हमें मर्यादा में रहना सिखाया है। अयोध्या आज नई अयोध्या के रूप में हमारे सामने है। काशी जीवन की जीवंतता का प्रतीक है। बाबा विश्वनाथ का धाम प्रधानमंत्री जी के विजन को साकार करते हुए आगे बढ़ रहा है तथा दुनिया को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है।  मथुरा-वृन्दावन में भक्ति, नैमिषारण्य में पौराणिक ज्ञान की धरोहर, शुकतीर्थ में भागवत भूमि का रूप, चित्रकूट धाम में भाई-भाई का प्रेम, कुशीनगर में बुद्ध की करुणा दिखाई देती है। भारत में ‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’ का उद्घोष करने वाले संत रविदास के कर्म योग को देखना है, तो काशी के साथ-साथ उस गरीब बस्ती में जाकर देखिए, जहां रविदासी सम्प्रदाय से जुड़ा संत अपनी भक्ति में लीन होकर भारत की राष्ट्रीयता को मजबूती प्रदान कर रहा है। यह उत्तर प्रदेश व देश की शक्ति है। इस शक्ति के हम वर्तमान में संवाहक हैं।

उन्होंने कहा कि हमने उत्तर प्रदेश को बॉटल नेक से ब्रेक-थ्रू प्रदेश में बदलने का कार्य किया है। यह पहले रेवेन्यू डेफिसिट स्टेट था। विगत पांच-छह वर्षों से लगातार रेवेन्यू सरप्लस स्टेट के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। आज हम बॉटम-3 से टॉप-3 में पहुंचे हैं। यह हमारी शानदार यात्रा है। उत्तर प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय तीन गुनी हो चुकी है। वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था 13 लाख करोड़ रुपये की थी। आज हम उसको 36 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने में सफल हुए हैं। सीडी रेशियो 43 प्रतिशत से बढ़ाकर 61 प्रतिशत तक पहुंचाने में हम सफल हुए हैं। यह नये उत्तर प्रदेश की वह पहचान है, जो उत्तर प्रदेश को निरंतर एक नई गति के साथ आगे बढ़ा रही है।

उन्होंने कहा कि नौ दिनों तक अलग-अलग टीमों को लेकर चलने वाला यह अभियान प्रदेश में चर्चा-परिचर्चा का विषय बनना चाहिए। इस अभियान को आमजन तक पहुंचाने का प्रयास करना चाहिए। इसके  लिए जो लिटरेचर प्रकाशित हुआ, उसे जन-जन तक पहुंचा कर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।

केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री श्री पंकज चैधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति का उत्थान करने का कार्य किया है। देश का सबसे बड़ा राज्य होने के नाते केंद्र सरकार की योजनाओं का सर्वाधिक लाभ उत्तर प्रदेश को प्राप्त हुआ है। कल से नवरत्रि का पावन पर्व शुरू हो रहा है और प्रदेश सरकार अपने नौ वर्ष पूर्ण कर रही है। सनातन संस्कृति में नौ अंक को बहुत ही दिव्य माना जाता है। नौ वर्ष पूर्व जनता ने ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ वालों को आशीर्वाद दिया। मुख्यमंत्री जी ने प्रदेश का वातावरण बदला तथा यहां गुंडाराज समाप्त कर विकास की गंगा बहाने का कार्य किया है।

उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि डबल इंजन सरकार का मूल मंत्र ‘सबका साथ सबका विकास’ हम सबकी ताकत है। इस ताकत के बल पर हम निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री जी द्वारा दिए गये लक्ष्य के अनुरूप विकसित भारत के साथ-साथ विकसित प्रदेश अवश्य बनेगा। मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार के आज नौ वर्ष पूरे हो रहे हैं। कल से नवरात्रि और नव संवत्सर भी प्रारंभ हो रहा है। उत्तर प्रदेश ने सुशासन के नौ वर्षों के  अंतर्गत देश में नये कीर्तिमान स्थापित किए हैं। हमारा प्रदेश जो कभी एक बीमारू राज्य था, आज पूरे देश के  विकास की धुरी बना है।

उप मुख्यमंत्री श्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि हमारी सरकार में परीक्षाएं नकल विहीन हुई हैं। किसी भी माफिया को बुद्धि, विवेक व कौशल से खिलवाड़ करने का अवसर नहीं दिया गया है। प्रदेश में विश्वविद्यालयों की संख्या दोगुनी हो चुकी है। मंडल स्तर पर विश्वविद्यालय बन रहे हैं। प्रदेश सरकार ने प्रतिबद्धता के साथ अस्पताल को मजबूत करने का कार्य किया। प्रदेश के 75 जनपदों को 4-लेन से जोड़ने में सफलता मिली है। प्रदेश में सर्वाधिक एक्सप्रेस-वे हैं। तय समय-सीमा के अनुसार तहसील और गांव को पर्याप्त बिजली मिल रही है। किसानों को सिंचाई की सुविधा दी गई है। नहरों में पानी आ रहा है। शिक्षा क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन हुए हैं। 

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