Wednesday, March 18, 2026

साहित्य हमें समृद्ध करता है : डॉ. सौरभ मालवीय











लखनऊ। साहित्यिक गरिमा और सांस्कृतिक उत्साह के बीच लेखक मनीष शुक्ला की पुस्तक “अफसाना लिख रहा हूँ” का भव्य विमोचन समारोह आज लखनऊ पुस्तक मेला, रविंद्रालय में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. सौरभ मालवीय ने की, मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व मंत्री अनुपमा जायसवाल जी उपस्थित रहीं। विशिष्ट अतिथि के रूप में ललित कला के उपाध्यक्ष गिरीश चन्द्र मिश्रा एवं नाटक अकादमी की उपाध्यक्ष विभा सिंह ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. सौरभ मालवीय ने कहा कि साहित्य हमें समृद्ध करता है। साहित्य ही जीवन है और जीवन ही साहित्य है। उन्होंने कहा कि “भारत” शब्द का अर्थ ही प्रकाश, उजाला और ज्ञान है, जिसका बोध साहित्य के माध्यम से ही संभव होता है।
मुख्य अतिथि अनुपमा जायसवाल ने पुस्तक की सराहना करते हुए कहा कि यह कृति अत्यंत अभिनंदनीय है और पाठकों को एक नई दृष्टि प्रदान करेगी।
इस अवसर पर उपस्थित विशिष्ट अतिथियों ने भी लेखक मनीष शुक्ला के प्रयासों की प्रशंसा की और पुस्तक को समाज के लिए उपयोगी बताया।
कार्यक्रम में साहित्य प्रेमियों, बुद्धिजीवियों एवं बड़ी संख्या में पाठकों की उपस्थिति रही, जिससे वातावरण साहित्यिक उत्साह से ओत-प्रोत रहा।

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