रांची झारखंड की राजधानी और एक ऐतिहासिक-सांस्कृतिक शहर है। इसे “झरनों का शहर” और “पहाड़ों की रानी” भी कहा जाता है।
रांची क्षेत्र प्राचीन काल से मुंडा, उरांव और हो जैसी आदिवासी जनजातियों का निवास स्थान रहा है।
यह क्षेत्र पहले छोटानागपुर पठार का हिस्सा था और स्थानीय जनजातीय मुखियाओं द्वारा शासित होता था।
भगवान बिरसा मुंडा, महान आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी, ने रांची और आसपास के क्षेत्रों से अंग्रेजों के विरुद्ध आंदोलन चलाया।
यहाँ की जनजातीय संस्कृति, नृत्य, संगीत, पर्व-त्योहार (सरहुल, करम) रांची को विशिष्ट बनाते हैं।
बिरसा मुंडा संग्रहालय आदिवासी इतिहास और संस्कृति का प्रमुख केंद्र है।
रांची अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है—
दसाम जलप्रपात – स्वर्णरेखा नदी पर स्थित, अत्यंत आकर्षक
हुंडरू जलप्रपात – झारखंड का सबसे ऊँचा जलप्रपात
जोन्हा जलप्रपात – सीढ़ीनुमा संरचना के लिए प्रसिद्ध
रॉक गार्डन और बिरसा जूलॉजिकल पार्क – पर्यटकों के लिए प्रमुख स्थल
हरियाली, पहाड़, जंगल और सुहावना मौसम रांची को एक प्राकृतिक पर्यटन स्थल बनाते हैं।
रांची न केवल ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से समृद्ध है, बल्कि प्राकृतिक सौंदर्य और आधुनिक विकास का भी सुंदर संगम है। यही कारण है कि रांची झारखंड का हृदय और पहचान मानी जाती है।







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