Thursday, October 23, 2025

दीपावली मिलन


दीपावली मिलन 
अयत्नेनैव संपद्यते जनस्य संसर्गयोगः सताम्।
अधमेन सह संयोगः, पतनं ह्यस्य साधनम्॥ 
(भर्तृहरि नीति शतक 18) 
भावार्थ– सज्जनों का साथ सहज ही व्यक्ति को ऊँचा उठाता है, जबकि दुष्टों का संग पतन का कारण बनता है। 

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