Saturday, April 27, 2024

कुछ दिन आनंद के





ट्रेन लेट होने के कारण देर रात पापाजी और माताजी को स्टेशन से लेकर आया !
श्रृंद्र मालवीय और सृष्टि दोनों दादा और दादी के स्वागत के लिए आतुर थे। 
बाबा और दादी के स्नेह में कुछ दिन आनंद के।

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