Wednesday, August 8, 2018

दरिद्रता : अटल बिहारी वाजपेयी के अनमोल विचार





  1. गरीबी बहुआयामी है. यह पैसे की आय से परे शिक्षा, स्वास्थ्य की देखरेख, राजनीतिक भागीदारी और व्यक्ति की अपनी संस्कृति और सामाजिक संगठन की उन्नति तक फैली हुई है.
  2. दरिद्र में जिन्होंने पूर्ण नारायण के दर्शन किए और उन नारायण की उपासना का उपदेश दिया, उनका अंतःकरण करुणा से भरा हुआ था. गरीबी, बेकारी, भुखमरी ईश्वर का विधान नहीं, मानवीय व्यवस्था की विफलता का परिणाम है.
  3. नर को नारायण का रूप देने वाले भारत ने दरिद्र और लक्ष्मीवान, दोनों में एक ही परम तत्व का दर्शन किया है.
  4. दरिद्रता का सर्वथा उन्मूलन कर हमें प्रत्येक व्यक्ति से उसकी क्षमता के अनुसार कार्य लेना चाहिए और उसकी आवश्यकता के अनुसार उसे देना चाहिए.

No comments:

Post a Comment

सपनों को साकार करने का नया वर्ष

सपनों को साकार करने का नया वर्ष युवाओं के लिए वार्षिक योजना स्पष्टता, ध्यान एवं नियंत्रण प्रदान करती है। यह केवल एक सूची नहीं है अपितु यह आप...