होइए सोई जे राम रचि राखा! वादा भी था और इरादा भी था कि ओजस्वी वक्ता डॉ Sourabh Malviya जी के मंत्रमुग्ध कर देने वाले संचालन सुख को इस कार्यक्रम में शामिल होकर प्राप्त करूँगा। घर से निकला लेकिन ऐसा फंसा की लाख कोशिश के बावजूद नहीं पहुंच सका। लेकिन सौरभ जी तो स्वयं सफल कार्यक्रमों के कुशल संयोजक हैं। बधाई इस पुस्तक मेले के एक और सफल आयोजन के लिए। नहीं पहुंच पाने के लिए माफी।
-शिवा नन्द द्विवेदी

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