Saturday, March 25, 2017
Sunday, March 19, 2017
चलता हूँ कर्मस्थली
चलता हूँ कर्मस्थली
होली अवकाश पर इस बार लखनऊ में एक सप्ताह रहा।
राजनीति की, रंग-गुलाल का आनंद रहा।
सृष्टि और श्रीन्द्र को मेरे आने का इंतज़ार रहता और मैं जाऊंगा यह उनको स्वीकार नहीं।
सुमन मालवीय का आभार। कर्मपथ पर निरंतर चलने की प्रेरणा।
मिलते है कल नोएडा नमस्कार
Saturday, March 18, 2017
Friday, March 17, 2017
Thursday, March 16, 2017
Live Today
उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री
(1) 300 से अधिक विधायकों और अपने मंत्रियों पर पूरी तरह से नियंत्रण रखने में सक्षम।
(2) 2019 में 70 सांसदों के कार्य का लेखा-जोखा लेने की हिम्मत ।
(3) संगठन की बारीकियों की समझ
(4) कार्यकर्तावो की चिंता
(5) संघ और संगठन और सत्ता की समझ
(6) विकास आधारित राजनीति
(7) कम से कम 15-20 साल का नेतृत्व
(8) निर्णय लेने में सक्षम
(9) सबका साथ सबका विकास
(10) भारत को भारत की आँखों से देखने की समझ
(1) 300 से अधिक विधायकों और अपने मंत्रियों पर पूरी तरह से नियंत्रण रखने में सक्षम।
(2) 2019 में 70 सांसदों के कार्य का लेखा-जोखा लेने की हिम्मत ।
(3) संगठन की बारीकियों की समझ
(4) कार्यकर्तावो की चिंता
(5) संघ और संगठन और सत्ता की समझ
(6) विकास आधारित राजनीति
(7) कम से कम 15-20 साल का नेतृत्व
(8) निर्णय लेने में सक्षम
(9) सबका साथ सबका विकास
(10) भारत को भारत की आँखों से देखने की समझ
गुरुजी का आज दर्शन
गुरुजी का आज दर्शन
जुबली इंटर कालेज गोरखपुर, क्लास नवीं में जिवविज्ञानं के शिक्षक और मेरे कक्षा अध्यापक श्री शकल नाथ मणि त्रिपाठी अपने कठोर अनुशासन के लिए जाने जाते उनके द्वारा दिए मन्त्र को हम जैसे हजारों विद्यार्थी आज भी अंगीकार करने में लगे रहते जिसे कुछ तो हम जीवन को सार्थक कर सके। सुबह लखनऊ उनके आवास पर मिला सर ने नास्ता स्वयं परोस कर कराया मेरे मना करने पर बोले पुत्र और शिष्य समान होते है सौरभ। मुझे खिलाने के सुख से मत रोकों।
वर्षो बाद सर का आशीर्वाद मिला। प्रणाम।
जुबली इंटर कालेज गोरखपुर, क्लास नवीं में जिवविज्ञानं के शिक्षक और मेरे कक्षा अध्यापक श्री शकल नाथ मणि त्रिपाठी अपने कठोर अनुशासन के लिए जाने जाते उनके द्वारा दिए मन्त्र को हम जैसे हजारों विद्यार्थी आज भी अंगीकार करने में लगे रहते जिसे कुछ तो हम जीवन को सार्थक कर सके। सुबह लखनऊ उनके आवास पर मिला सर ने नास्ता स्वयं परोस कर कराया मेरे मना करने पर बोले पुत्र और शिष्य समान होते है सौरभ। मुझे खिलाने के सुख से मत रोकों।
वर्षो बाद सर का आशीर्वाद मिला। प्रणाम।
Wednesday, March 15, 2017
Monday, March 6, 2017
Friday, March 3, 2017
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साधारण सभा की बैठक
लखनऊ। विद्या भारती, भारती शिक्षा समिति उत्तर प्रदेश की साधारण सभा की बैठक का आयोजन लखनऊ में संपन्न हुआ। इस महत्वपूर्ण बैठक में विभिन्न शैक्ष...
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डॉ. सौरभ मालवीय ‘नारी’ इस शब्द में इतनी ऊर्जा है कि इसका उच्चारण ही मन-मस्तक को झंकृत कर देता है, इसके पर्यायी शब्द स्त्री, भामिनी, कान...
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डॉ. सौरभ मालवीय किसी भी देश के लिए एक विधान की आवश्यकता होती है। देश के विधान को संविधान कहा जाता है। यह अधिनियमों का संग्रह है। भारत के संव...
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डॉ. सौरभ मालवीय मनुष्य जिस तीव्र गति से उन्नति कर रहा है, उसी गति से उसके संबंध पीछे छूटते जा रहे हैं. भौतिक सुख-सुविधाओं की बढ़ती इच्छाओं क...

























