Saturday, March 26, 2016

मुझे अपने गांव पर गर्व है

 
गांव की चौपाल, जहां बौद्धिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक स्वस्थ विमर्श जीवंत है.
होली के दिन मेरे गांव पटनेजी (जनपद देवरिया, उत्तर प्रदेश) के एक यादव परिवार का बालक जिसकी उम्र 20-21 वर्ष थी, का ब्लड कैंसर से मुम्बई में निधन हो गया. पूरे गांव ने इस दुख को स्वीकार किया और होली नहीं मनाने का निर्णय लिया गया. गांव की इस संवेदना का मैं साक्षी हूं. मुझे गर्व है कि मैं इस गांव का रहने वाला हूं. मेरा गांव मेरा तीर्थ है.

No comments:

Post a Comment

हिंदुस्तान का अभ्युदय

सृजन समय के नवंबर-दिसंबर २०२५ अंक में प्रकाशित लेख "महामना मदन मोहन मालवीय की स्वदेशी पत्रकारिता से 'हिंदुस्तान' का 'अभ्युद...