Wednesday, April 29, 2026

गंगा एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण


उत्तर प्रदेश में विकास कार्य तीव्र गति से हो रहे हैं। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 अप्रैल 2026 को जनपद हरदोई में 36,230 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 594 किलोमीटर लम्बे गंगा एक्सप्रेस-वे (मेरठ-प्रयागराज) का लोकार्पण किया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम के दौरान गंगा एक्सप्रेस-वे से संबंधित एक लघु फिल्म प्रदर्शित की गई। इससे पूर्व प्रधानमंत्री जी ने कार्यक्रम स्थल पर पौधरोपण किया तथा आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नृसिंह भगवान की भूमि को नमन करते हुए कहा कि यहां माँ गंगा अपनी कृपा बहाती हुई गुजरती है। यह पूरा क्षेत्र किसी तीर्थ से कम नहीं है। उत्तर प्रदेश में गंगा एक्सप्रेस-वे का वरदान माँ गंगा का आशीर्वाद है। अब लोग कुछ ही घंटों में संगम पहुंच सकते हैं तथा काशी में बाबा विश्वनाथ धाम के दर्शन कर

वापस आ सकते हैं। जिस प्रकार माँ गंगा हजारों वर्षों से देश व उत्तर प्रदेश की जीवन रेखा रही है, उसी प्रकार आधुनिक प्रगति के इस दौर में उनके समीप से गुजरने वाला यह एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश के विकास की नई लाइफ-लाइन बनेगा। 

उन्होंने कहा कि गंगा एक्सप्रेस-वे प्रदेश के एक छोर को दूसरे छोर से जोड़ने के साथ ही एनसीआर की संभावनाओं को समीप लाएगा। इस पर गाड़ियां तो दौड़ेंगी ही, साथ ही एक्सप्रेस-वे के किनारे नए औद्योगिक अवसर भी विकसित होंगे। इसके लिए हरदोई के साथ ही अन्य जनपदों में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित किए जा रहे हैं। इससे हरदोई, उन्नाव व शाहजहांपुर सहित सभी 12 जनपदों में नए उद्योग स्थापित होंगे। फार्मा, टेक्सटाइल जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में क्लस्टर्स विकसित होंगे। युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेस-वे की रफ्तार से ज्यादा उत्तर प्रदेश के विकास की रफ्तार है। यह एक्सप्रेस-वे केवल हाई स्पीड सड़क नहीं है, बल्कि नई सम्भावनाओं, नए सपनों और नए अवसरों का गेट-वे है।

उन्होंने कहा कि लगभग 600 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेस-वे से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ, बुलन्दशहर, हापुड़, अमरोहा, सम्भल और बदायूं, मध्य उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव और रायबरेली, पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ और प्रयागराज तथा इनके आस-पास के अन्य जनपदों के करोड़ों लोगों के जीवन में बदलाव आएगा। इन क्षेत्रों को माँ गंगा और सहायक नदियों की उपजाऊ मिट्टी का वरदान मिला है। इस एक्सप्रेस-वे के माध्यम से कम समय में बड़े बाजारों तक पहुंच आसान होगी। यहां खेती के लिए आवश्यक इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास होगा। इससे अन्नदाता किसानों की आय बढ़ेगी। देश के तीव्र विकास के लिए आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण आवश्यक है।

मैंने दिसंबर 2021 में शाहजहांपुर में गंगा एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास किया था। पांच वर्ष से कम समय में उत्तर प्रदेश का सबसे लम्बा एक्सप्रेस-वे बनकर तैयार हो गया है। आज हरदोई से इसका लोकार्पण भी हो रहा है। गंगा एक्सप्रेस-वे का निर्माण पूरा होने के साथ ही इसके विस्तार की योजना पर भी कार्य प्रारंभ हो गया है। शीघ्र ही यह एक्सप्रेस-वे मेरठ से आगे बढ़कर हरिद्वार तक पहुंचेगा। इसे और अधिक उपयोगी बनाने के लिए फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेस-वे का निर्माण कर अन्य एक्सप्रेस-वे के साथ जोड़ा जाएगा। यह डबल इंजन सरकार का विजन है।

विगत चार-पांच  दिनों से माँ गंगा के सान्निध्य में रहना अद्भुत संयोग है। विगत 24 अप्रैल को उन्होंने बंगाल में माँ गंगा का दर्शन किया था। विगत दिवस वह काशी में रहे और आज सुबह बाबा विश्वनाथ, माँ अन्नापूर्णा और माँ गंगा के दर्शन सौभाग्य प्राप्त हुआ। अब माँ गंगा के नाम पर बने इस एक्सप्रेस-वे के लोकार्पण का अवसर मिला है। यह खुशी का विषय है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने इस एक्सप्रेस-वे का नाम माँ गंगा के नाम पर रखा है। इसमें हमारा विकास का विजन झलकता है तथा विरासत के दर्शन भी होते हैं।

उन्होंने कहा कि हमारा युवा ‘प्रधानमंत्री मुद्रा योजना’ और ओडीओपी जैसी योजनाओं की ताकत से नए-नए कीर्तिमान गढ़ रहा है। यहां छोटे उद्योगों तथा एमएसएमई को बढ़ावा मिल रहा है। गंगा एक्सप्रेस-वे के माध्यम से बेहतर कनेक्टिविटी की सुविधा मिलने से उनके लिए भी नए रास्ते खुलेंगे। मेरठ के स्पोर्ट्स के सामान, सम्भल के हैंडीक्राफ्ट, बुलन्दशहर के सेरेमिक, हरदोई के हैंडलूम, उन्नाव के लेदर और प्रतापगढ़ के आंवला उत्पाद बड़े पैमाने पर देश व दुनिया के बाजारों तक पहुंचेंगे। इससे लाखों परिवारों की आमदनी बढ़ेगी।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को पहले बीमारू राज्य कहा जाता था, जबकि आज यह वन ट्रिलियन इकोनॉमी की ओर आगे बढ़ रहा है। यह बहुत बड़ा लक्ष्य है, लेकिन इसके साथ ही, उतनी ही बड़ी तैयारी भी है। देश की सबसे बड़ी युवा आबादी का पोटेंशियल उत्तर प्रदेश के पास है। इस ताकत का प्रयोग उत्तर प्रदेश को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लिए किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में नए उद्योग व कारखाने लगेंगे। बड़ी मात्रा में निवेश से आर्थिक प्रगति के द्वार खुलेंगे तथा युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इस विजन को केंद्र में रखकर विगत वर्षों में लगातार कार्य किया गया है।

उन्होंने कहा कि जिस उत्तर प्रदेश की पहचान पहले पलायन से होती थी, आज उसे इन्वेस्टर्स समिट और इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए जाना जाता है। यूपी इन्वेस्टर्स समिट में देश व दुनिया से कम्पनियां आती हैं। उत्तर प्रदेश में हजारों करोड़ों रुपये का निवेश हो रहा है। भारत को दुनिया का बड़ा मोबाइल निर्माता बनाने में उत्तर प्रदेश का बहुत योगदान है। आज भारत जितने मोबाइल बनाता है उसमें से आधे से अधिक मोबाइल उत्तर प्रदेश में बनते हैं। 

विगत दिनों मैंने नोएडा में सेमीकंडक्टर प्लांट का शिलान्यास किया था। एआई के युग में सेमीकंडक्टर क्षेत्र महत्वपूर्ण होता जा रहा है। उत्तर प्रदेश इसमें भी लीड लेने के लिए आगे बढ़ रहा है। इससे उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए भविष्य में असीम अवसरों वाला बहुत बड़ा क्षेत्र खुल रहा है। उत्तर प्रदेश का औद्योगिक विकास आज भारत की बहुत बड़ी सामरिक ताकत बन रहा है। देश दे दो डिफेंस कॉरिडोर में से एक उत्तर प्रदेश में है। बड़ी डिफेंस कम्पनियां यहां अपनी फैक्ट्री लगा रही हैं। ब्रह्मोस जैसी मिसाइलें, जिनका लोहा दुनिया मानती है, उत्तर प्रदेश में बन रही हैं। रक्षा उपकरणों के निर्माण में छोटे-छोटे पार्ट्स की सप्लाई के लिए प्रदेश के एमएसएमई को काम मिलता है। छोटे-छोटे जनपदों में भी अब युवा बड़े-बड़े उद्योगों से जुड़ने का सपना देख रहे हैं। आज उत्तर प्रदेश ने अपनी नई पहचान बनाई है। एक समय जिस उत्तर प्रदेश की पहचान गड्ढों से होती थी, वही आज देश में सबसे अधिक एक्सप्रेस-वे वाला राज्य बन चुका है। पहले पड़ोसी जनपदों तक जाना भी मुश्किल होता था। आज उत्तर प्रदेश में 21 एयरपोर्ट हैं, जिसमें पांच इंटरनेशनल एयरपोर्ट हैं। अब नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट भी बन चुका है। गंगा एक्सप्रेस-वे से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट कुछ ही घंटों की दूरी पर है। उत्तर प्रदेश भगवान श्रीराम व भगवान श्रीकृष्ण की भूमि है। आज देश भर में उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था का उदाहरण दिया जाता है।

उन्होंने कहा कि विगत दिनों संसद में पेश किए गये नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन विधेयक यदि पास हो जाता, तो वर्ष 2029 से ही महिलाओं को संसद व विधान सभाओं में आरक्षण मिल जाता। बड़ी संख्या में माताएं व बहनें सांसद व विधायक बनकर संसद व विधान सभाओं में पहुंचतीं, लेकिन विरोधी दलों के विरोध से यह संशोधन पारित नहीं हो पाया। 

उन्होंने आगे कहा कि आज देश विकसित भारत का संकल्प लेकर आगे बढ़ रहा है। इस संकल्प को पूरा करने में उत्तर प्रदेश की बहुत बड़ी भूमिका है। आज पूरी दुनिया युद्ध, अशांति और अस्थिरता में फंसी हुई है। दुनिया के  बड़े-बड़े देशों की हालत खराब है, लेकिन भारत विकास के मार्ग पर उसी रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। हम आत्मनिर्भर भारत के अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं। अत्याधुनिक इन्फ्रास्क्ट्रक्चर का निर्माण किया जा रहा है। गंगा एक्सप्रेस-वे इसी दिशा में एक मजबूत कदम है।

उन्होंने कहा कि अभी कुछ समय पूर्व मैंने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण किया था। मैंने नए एक्सप्रेस-वे को भारत की हस्त रेखाएं कहा था। यह आधुनिक हस्त रेखाएं आज भारत के उज्ज्वल भविष्य का जयघोष कर रही हैं। अब वह दौर चला गया जब एक सड़क के लिए दशकों तक इंतजार करना पड़ता था। एक बार घोषणा होने के बाद वर्षों तक फाइलें चलती थीं। डबल इंजन सरकार के काल में शिलान्यास होने के साथ-साथ तय समय में लोकार्पण भी होता है। 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने प्रधानमंत्री का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए कहा कि आज प्रधानमंत्री जी के कर-कमलों से उनकी विराट सोच के अनुरूप गंगा एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन हो रहा है। हरदोई भगवान नृसिंह, वामन अवतार तथा श्रीहरि विष्णु के परम भक्त प्रहलाद के अवतरण की पावन धरा है। यह भूमि माँ गंगा के आशीर्वाद से अभिसिंचित है। उन्होंने माँ गंगा स्तुति- ‘देवि सुरेश्वरि भगवति गंगे, त्रिभुवनतारिणि तरलतरंगे‘ करते हुए कहा कि माँ गंगा के समानान्तर उस विराट को छूने तथा उत्तर प्रदेश के आर्थिक विकास को नई उड़ान देने के लिए गंगा एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास प्रधानमंत्री जी ने दिसंबर 2021 में किया था।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने उत्तर प्रदेश को वैश्विक महामारी कोरोना के दौरान गंगा एक्सप्रेस-वे परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही को आगे बढ़ाने तथा तय समयसीमा में पूरा करने का विजन दिया था। गंगा एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनने जा रही है। प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में उनके विजन को स्पष्ट नीति और साफ नीयत के साथ प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारने का कार्य किया गया। आज देश में हम नए भारत का दर्शन कर रहे हैं। नए भारत के नए उत्तर प्रदेश में यह आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर हमारे आवागमन को सरल व सुगम बनाएगा तथा अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई प्रदान करेगा।

उन्होंने कहा कि आज एक्सप्रेस-वे प्रदेश की समृद्धि का आधार बन रहे हैं। उत्तर प्रदेश में गंगा एक्सप्रेस-वे डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर को सशक्त, अन्नदाता किसानों की उन्नति तथा युवाओं के रोजगार का मार्ग प्रशस्त करेगा। यह आस्था और संस्कृति का एक्सप्रेस-वे है। इस एक्सप्रेस-वे से आच्छादित जनपदों में इन्टीग्रेटेड इंडस्ट्रियल क्लस्टर एंड लॉजिस्टिक हब डेवलप करने की कार्यवाही तेजी के साथ आगे बढ़ी है। 594 किलोमीटर के लंबे इस एक्सप्रेस-वे के लिए अन्नदाता किसानों से 18 हजार एकड़ भूमि ली गई है। इस पर बनने वाले इंडस्ट्रियल क्लस्टर और लॉजिस्टिक हब के लिए अलग-अलग स्थानों पर लगभग सात हजार एकड़ भूमि लेकर नए निवेश के माध्यम से युवाओं के लिए नए रोजगार की संभावनाओं को आगे बढ़ाया गया।

मुख्यमंत्री ने मेरठ से प्रयागराज तक 12 जनपदों में विस्तारित इस एक्सप्रेस-वे के लिए एक लाख से अधिक किसानों को भूमि उपलब्ध कराने में अपना योगदान देने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अन्नदाता किसानों ने प्रधानमंत्री जी के विजन के अनुरूप विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने एवं विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण के लिए अपना योगदान दिया। इसके परिणामस्वरूप गंगा एक्सप्रेस-वे बन कर तैयार हो गया है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पूर्व उत्तर प्रदेश में परिवारवाद, जातिवाद, दंगा, अराजकता, कर्फ्यू कफ्र्यू, माफिया के अराजकता पूर्ण माहौल के कारण विकास, रोजगार एवं नए निवेश की कल्पना नहीं की जा सकती थी, लेकिन विगत नौ वर्षों में डबल इंजन सरकार के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेस-वे, हाई-वे, डिस्ट्रिक्ट-वे और ग्रामीण सड़कों का चार लाख किलोमीटर का बेहतरीन नेटवर्क देखने को मिल रहा है। इंटर स्टेट कनेक्टिविटी कके लिए फोर-लेन मार्ग विकसित किए जा रहे हैं। साथ ही, प्रत्येक जिला मुख्यालय को फोर-लेन तथा प्रत्येक ब्लॉक एवं तहसील मुख्यालयों को फोर-लेन व टू-लेन सड़कों के साथ जोड़ा जा रहा है। प्रदेश के सात शहरों में मेट्रो का संचालन किया जा रहा है। विगत दिनों प्रधानमंत्री जी ने दिल्ली से मेरठ तक देश की पहली रैपिड रेल का शुभारंभ कर दूरियों को समेटने के साथ ही, उत्तर प्रदेश की अनलिमिटेड पोटेंशियल को आगे बढ़ाने का कार्य किया। आज डबल इंजन सरकार की ताकत प्रदेश में एक्सप्रेस-वे, रैपिड रेल, इनलैंड वाटर-वे, मेट्रो तथा डेडीकेटेड रेल फ्रेट-कॉरिडोर के रूप में दिखाई दे रही है।

इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने गंगा एक्सप्रेस-वे का स्थलीय निरीक्षण किया। इस अवसर पर केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री श्री पंकज चैधरी, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद, प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य एवं श्री ब्रजेश पाठक, वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री सुरेश कुमार खन्ना, औद्योगिक विकास मंत्री श्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’, समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री असीम अरुण, आबकारी एवं मद्य निषेध राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री नितिन अग्रवाल, उच्च शिक्षा राज्यमंत्री श्रीमती रजनी तिवारी सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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