Thursday, March 19, 2026
नववर्ष विक्रम संवत एवं चैत्र नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं
भारतीय सांस्कृतिक गौरव की स्मृतियाँ समेटे हुए नव संवत्सर (विक्रम संवत-२०८३) के शुभारंभ के पावन अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी ने श्री अयोध्या धाम में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रीराम यंत्र की प्रतिष्ठापना कर प्रभु श्रीरामलला के दर्शन-पूजन किए।यह दिव्य आयोजन राष्ट्र के आध्यात्मिक उत्थान, लोककल्याण एवं सनातन सांस्कृतिक चेतना को नवीन ऊर्जा प्रदान करने वाला है।
नववर्ष विक्रम संवत २०८३ एवं चैत्र नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं।
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
स्वयं से भेंट
कभी-कभी अपने ही पुराने चित्र को देखना एक तरह से खुद से मुलाक़ात करने जैसा होता है। लंबे अंतराल के बाद जब हम खुद को देखते हैं, तो सिर्फ चेहरे...
-
डॉ. सौरभ मालवीय ‘नारी’ इस शब्द में इतनी ऊर्जा है कि इसका उच्चारण ही मन-मस्तक को झंकृत कर देता है, इसके पर्यायी शब्द स्त्री, भामिनी, कान...
-
डॉ. सौरभ मालवीय किसी भी देश के लिए एक विधान की आवश्यकता होती है। देश के विधान को संविधान कहा जाता है। यह अधिनियमों का संग्रह है। भारत के संव...
-
डॉ. सौरभ मालवीय मनुष्य जिस तीव्र गति से उन्नति कर रहा है, उसी गति से उसके संबंध पीछे छूटते जा रहे हैं. भौतिक सुख-सुविधाओं की बढ़ती इच्छाओं क...


No comments:
Post a Comment