राजनीति में छोटी लोकप्रियता के लिए बोल का बेलगाम होना एक शौक बन गया है. पार्टियों की अपनी एक लक्षण रेखा होनी चाहिए.
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संस्कार से व्यक्ति, व्यक्ति से समाज और समाज से राष्ट्र का निर्माण : डॉ. सौरभ मालवीय
दो दिवसीय 24वें प्रांतीय संस्कृति महोत्सव एवं गणित-विज्ञान मेले का भव्य समापन, विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता हुए सम्मानित तिर्वा (कन्नौज)।...
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डॉ. सौरभ मालवीय ‘नारी’ इस शब्द में इतनी ऊर्जा है कि इसका उच्चारण ही मन-मस्तक को झंकृत कर देता है, इसके पर्यायी शब्द स्त्री, भामिनी, कान...
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डॉ. सौरभ मालवीय किसी भी देश के लिए एक विधान की आवश्यकता होती है। देश के विधान को संविधान कहा जाता है। यह अधिनियमों का संग्रह है। भारत के संव...


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