Monday, May 25, 2015
हर तस्वीर कुछ कहती है
हर तस्वीर कुछ कहती है। सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और सोशल मीडिया पर राष्ट्रीय परिसंवाद कार्यक्रम से कुछ देर पहले की ये तस्वीरे बयां कर रही है कि इतने बड़े स्तर का कार्यक्रम आयोजित करने के लिए झीलों और मिजाज़ो की नगरी भोपाल से बेहतर शायद ही कोई और स्थान होता। अब तो आप जान ही गये होंगे कि क्यों इतने 'कूल-मिजाज़' हैं हमारे डाॅ. सौरभ मालवीय साहब।
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लोकतंत्र का ध्वजवाहक है भारत
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