बरहज (देवरिया)। सरस्वती शिशु मंदिर, बरहज में वार्षिकोत्सव एवं माता-पिता, पुत्र-पुत्री सम्मेलन का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. सौरभ मालवीय उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में डॉ. मालवीय ने कहा कि संस्कारयुक्त शिक्षा ही विद्या भारती का मूल लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञानार्जन नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण एवं राष्ट्र निर्माण करना है। शिशु मंदिरों के माध्यम से विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, अनुशासन एवं राष्ट्रभक्ति का विकास किया जा रहा है।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित श्वेता जायसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि शिशु मंदिर में अध्ययन करने वाले विद्यार्थी प्रखर राष्ट्रप्रेमी बनते हैं और समाज में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक होते हैं।
इस अवसर पर प्रदेश निरीक्षक जियालाल जी , मुन्नीलाल शर्मा जी , नमो नारायण जी , अरुण सिंह, राजकुमार शाही जी, दिवाकर राम जी सहित अनेक गणमान्य नागरिक, अभिभावक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
प्रधानाचार्य श्री विनंदेश्वर गिरी कार्यक्रम के संयोजक थे.
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।








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