Monday, May 23, 2016
कपिल मुनि तपोस्थली
अमरकंट। कलोक श्रुति है कि नर्मदा माँ नाराज़ होकर जा रही थी तो मुनिवर ने यहाँ तप कर के माँ को प्रसन्न किया, तभी से नर्मदा माँ के इस स्वरूप का नाम कपिलधारा से ख्याति हो गया। कपिल मुनि सांख्य दर्शन की रचना इसी स्थान पर की थी, यहां अनेक गुफाएं है जहां साधु संत ध्यान करते दिखते है। घने जंगल,प र्वत और प्रकृति के सुंदर दृश्य मन को सुकून देता है। आइये आप भी इस पवित्र स्थान का दर्शन कीजिए।
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