Sunday, May 10, 2015

एक तमन्ना...


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अंगारों पर सिकती मकई

इन आँखों में भारत बोलता और भारतबोध स्वतः होता है। मिट्टी की सौंधी खुशबू, जंगल की हरियाली और अंगारों पर सिकती मकई — यह सब मिलकर लोकजीवन के सह...