Saturday, February 28, 2015
चर्चा
Wednesday, February 11, 2015
आभार
मेरे प्रिय और आत्मीय डॉ. सौरभ मालवीय ने जब मीडिया विमर्श के तत्वावधान में आयोजित पं. बृजलाल द्विवेदी स्मृति अखिल भारतीय साहित्यिक पत्रकारिता सम्मान समारोह (7 फरवरी 2015) में आभार प्रदर्शन किया तो उनके शब्दों पर साहित्य और पत्रकारिता से जुड़े श्रोता भी मुग्ध हो उठे। आभार... शानदार आभार के लिए।
संजय द्विवेदी
Subscribe to:
Posts (Atom)
पंडित नेहरू अटलजी से स्नेह करते थे
देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू अटलजी से बहुत स्नेह करते थे. उन्हें नेहरू जी का आशीष प्राप्त था. उस समय की बात है, जब पंडित...
-
डॉ. सौरभ मालवीय स्वामी विवेकानन्द ने भारतीय दर्शन से विश्व को परिचित करवाया। वह ज्ञान का अथाह भंडार थे। उनकी शिक्षाएं अनमोल हैं, तभी तो वह...
-
डॉ. सौरभ मालवीय ‘नारी’ इस शब्द में इतनी ऊर्जा है कि इसका उच्चारण ही मन-मस्तक को झंकृत कर देता है, इसके पर्यायी शब्द स्त्री, भामिनी, कान...
-
डॉ. सौरभ मालवीय किसी भी देश के लिए एक विधान की आवश्यकता होती है। देश के विधान को संविधान कहा जाता है। यह अधिनियमों का संग्रह है। भारत के संव...


