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Showing posts from May, 2019

ABP News Live

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महामहिम माननीया द्रौपदी मुर्मू जी राज्यपाल- झारखंड राजभवन में मुलाकात एवं चर्चा का शुभअवसर!

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एक मुलाकात- श्री रघुवरदास, मुख्यमंत्री- झारखंड

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एबीपी न्यूज परिचर्चा

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"न्यू मीडिया के आगे नतमस्तक मुख्यधारा की मीडिया"

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प्रवक्ता डॉट कॉम के 10 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर, "न्यू मीडिया के आगे नतमस्तक मुख्यधारा की मीडिया" विषय पर 16 अक्टूबर 2018 को शायं 5 बजे कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया के स्पीकर हॉल में संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है।



वक्ता के रूप में :
अमर उजाला के समूह सम्पादक, श्री उदय सिन्हा

माइक्रोसॉफ्ट के भाषा स्थानीयकरण के निदेशक और सोशल मीडिया विशेषज्ञ, बालेंदु शर्मा दधीचि,

ज़ी मीडिया समूह के राजनीतिक मामलों के समूह सम्पादक, बृजेश कुमार सिंह

न्यूज़ नेशन में संपादक, विनीता यादव

कार्यक्रम की अध्यक्षता IGNCA के सदस्य सचिव सचिदानंद जोशी करेंगे।

कार्यक्रम का संचालन माखनलाल में सहायक प्राध्यापक डॉ सौरभ मालवीय

कार्यक्रम में स्वागत भाषण प्रवक्ता डॉट कॉम के संस्थापक भारत भूषण एवं धन्यवाद ज्ञापन संस्थापक संपादक संजीव सिन्हा करेंगें।



सानिध्य- भारत सरकार के गृहमंत्री आदरणीय श्री राजनाथ सिंह!

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सामाजिक क्रांति के अग्रदूत : बाबासाहेब आंबेडकर

-डॊ. सौरभ मालवीय
 सामाजिक समता, सामाजिक न्याय, सामाजिक अभिसरण जैसे समाज परिवर्तन के मुद्दों को प्रमुखता से स्वर देने और परिणाम तक लाने वाले प्रमुख लोगों में डॊ. भीमराव आंबेडकर का नाम अग्रणीय है। उन्हें बाबा साहेब के नाम से जाना जाता है। एकात्म समाज निर्माण, सामाजिक समस्याओं, अस्पृश्यता जैसे सामजिक मसले पर उनका मन संवेदनशील एवं व्यापक था। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन ऊंच-नीच, भेदभाव, छुआछूत के उन्मूलन के कार्यों के लिए समर्पित कर दिया। वे कहा करते थे- एक महान आदमी एक आम आदमी से इस तरह से अलग है कि वह समाज का सेवक बनने को तैयार रहता है। 4 अप्रैल, 1891 को मध्य प्रदेश के महू में जन्मे भीमराव आंबेडकर रामजी मालोजी सकपाल और भीमाबाई की चौदहवीं संतान थे। वह हिंदू महार जाति से संबंध रखते थे, जो अछूत कहे जाते थे। इसके कारण उनके साथ समाज में भेदभाव किया जाता था। उनके पिता भारतीय सेना में सेवारत थे। पहले भीमराव का उपनाम सकपाल था, लेकिन उनके पिता ने अपने मूल गांव अंबाडवे के नाम पर उनका उपनाम अंबावडेकर लिखवाया, जो बाद में आंबेडकर हो गया। पिता की स्वानिवृत्ति के बाद उनका परिवार महाराष्ट्र के सतार…