“मनुस्मृति केवल बहाना है, असली निशाना समाज में वोट-बैंक की राजनीति को साधना है। राहुल गांधी के लगातार बयानों से यही राजनीतिक रणनीति सामने आती है आखिर ऐसा क्यों?
ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विषयों को चुनावी विमर्श में लाकर समाज को जाति और वर्ग के आधार पर विभाजित करना। राजनीति का उद्देश्य समाज को जोड़ना होना चाहिए, न कि पुराने संदर्भों के सहारे नए विभाजन खड़े करना।”



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