Sourabh Malviya डॉ.सौरभ मालवीय
विचारों की धरा पर शब्दों की अभिव्यक्ति...
Sunday, April 5, 2026
Saturday, April 4, 2026
भोजन मंत्र
ब्रह्मार्पणं ब्रह्म हविः
ब्रह्माग्नौ ब्रह्मणा हुतम्।
ब्रह्मैव तेन गन्तव्यं
ब्रह्मकर्मसमाधिना॥
ॐ सह नाववतु।
सह नौ भुनक्तु।
सह वीर्यं करवावहै।
तेजस्विनावधीतमस्तु मा विद्विषावहै॥
ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥
पहला श्लोक भगवद्गीता से है, और दूसरा मंत्र उपनिषदों का शांति मंत्र है।
यह पूरा मंत्र भोजन को ईश्वर को अर्पित करने और मिलकर, प्रेमपूर्वक भोजन करने की भावना व्यक्त करता है।
भोजन मंत्र केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि उसकी सामूहिक जीवन पद्धति का सशक्त प्रतीक है। इसमें सहजता, सादगी और समरसता का गहरा भाव निहित है। भोजन के समय सभी स्वयंसेवक एक साथ बैठकर, बिना किसी भेदभाव के, समानता और एकात्मता का अनुभव करते हैं। यह परंपरा हमें न केवल अनुशासन सिखाती है, बल्कि सामाजिक समता और पारस्परिक आत्मीयता का भी संस्कार प्रदान करती है।
पॉडकास्ट
विद्या भारती, दिल्ली प्रांत के एक विशेष आधिकारिक पॉडकास्ट श्रृंखला के आयोजन का हिस्सा रहा है। शिक्षा और समाज के महत्वपूर्ण विषयों पर विचार सांझा करने का एक सुखद अवसर था।
वार्षिक साधारण सभा 2026 – विशेष पहल
वार्षिक साधारण सभा 2026 के अवसर पर दिल्ली प्रांत प्रचार विभाग द्वारा संचालित प्लेटफॉर्म
#JoinDigiTalks के अंतर्गत एक विशेष पॉडकास्ट स्टूडियो की स्थापना की गई है।
इस मंच के माध्यम से विद्या भारती के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ शिक्षा, संस्कार एवं राष्ट्र निर्माण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक संवाद प्रस्तुत किए जाएंगे।
(प्रचार विभाग, विद्या भारती दिल्ली)
इस मंच के माध्यम से विद्या भारती के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ शिक्षा, संस्कार एवं राष्ट्र निर्माण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक संवाद प्रस्तुत किए जाएंगे।
(प्रचार विभाग, विद्या भारती दिल्ली)
Friday, April 3, 2026
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