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Showing posts from March, 2018

भारतीय नववर्ष : सृष्टि की रचना का दिन

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डॊ. सौरभ मालवीय
नव रात्र हवन के झोके, सुरभित करते जनमन को।
है शक्तिपूत भारत, अब कुचलो आतंकी फन को॥
नव सम्वत् पर संस्कृति का, सादर वन्दन करते हैं।
हो अमित ख्याति भारत की, हम अभिनन्दन करते हैं॥
18 मार्च विक्रम संवत 2075 का प्रारंभ हो रहा है. भारतीय पंचांग में हर नवीन संवत्सर को एक विशेष नाम से जाना जाता है. इस वर्ष इस नवीन संवत्सर का नाम विरोधकर्त है. भारतीय संस्कृति में विक्रम संवत का बहुत महत्व है. चैत्र का महीना भारतीय कैलंडर के हिसाब से वर्ष का प्रथम महीना है. नवीन संवत्सर के संबंध में अन्य पौराणिक कथाएं हैं. वैदिक पुराण एवं शास्त्रों के अनुसार चैत्र शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि को आदिशक्ति प्रकट हुईं थी. आदिशक्ति के आदेश पर ब्रह्मा ने सृष्टि की प्रारंभ की थी. इसीलिए इस दिन को अनादिकाल से नववर्ष के रूप में जाना जाता है. मान्यता यह भी है कि इसी दिन भगवान विष्णु ने मत्स्य अवतार लिया था. इसी दिन सतयुग का प्रारंभ  हुआ था. इसी तिथि को राजा विक्रमादित्य ने शकों पर विजय प्राप्त की थी. विजय को चिर स्थायी बनाने के लिए उन्होंने विक्रम संवत का शुभारंभ किया था, तभी से विक्रम संवत चली आ रही है. इसी …

महिला सशक्तीकरण की प्रतिबद्धता

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डॊ. सौरभ मालवीय
आज हर क्षेत्र में महिलाएं आगे बढ़ रही हैं। कोई भी क्षेत्र ऐसा नहीं है, जहां महिलाओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज न कराई हो। महिलाएं समाज की प्रथम इकाई परिवार का आभार स्तंभ हैं। एक महिला सशक्त होती है, तो वह दो परिवारों को सशक्त बनाती है। प्राचीन काल में भी महिलाएं सशक्तीकरण का उदाहरण थीं। वे ज्ञान का भंडार थीं। किन्तु एक समय ऐसा आया कि महिलाओं को घर की चारदीवारी तक सीमित कर दिया गया। किन्तु ये समय भी अधिक समय तक नहीं टिका। एक बार फिर से महिलाएं घर की चौखट से बाहर आने लगी हैं। आज महिलाएं सभी क्षेत्रों में अपना परचम लहरा रही हैं। शिक्षा हो या खेलकूद,  अंतरिक्ष हो या प्रशासनिक सेवा, व्यवसाय हो या राजनीति वे हर क्षेत्र में अपनी कुशलता सिद्ध कर रही हैं। महिला सशक्तीकरण के बिना देश व समाज का विकास अधूरा है।

 प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार महिला सशक्तीकरण को लेकर प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का कहना है कि नारी सशक्तीकरण के बिना मानवता का विकास अधूरा है। आज मुद्दा महिलाओं के विकास का नहीं, बल्कि महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास का है। यह जरूरी है कि हम स्वयं को और अपनी श…